*नासिक परिसर में त्रिदिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला सम्पन्न

*नासिक परिसर में त्रिदिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला सम्पन्न
नासिक । केन्द्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय नासिक परिसर में संस्कृतमाध्यम से संस्कृतशिक्षण  त्रिदिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला समापन समरोह का आयोजन किया गया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रुप में भारत के सुप्रसिद्ध शिक्षाविद् , संस्कृत संवर्धन प्रतिष्ठान नई दिल्ली के निदेशक  प्रो. चान्दकिरण सलूजा ने कहा कि छात्रों की संवेदनाओं को समझकर उनको पढ़ाना प्रभावपूर्ण होता है। जिसकेसर्वांगीण विकास के लिए भाषा ज्ञान जरूरी है , भारतीय भाषाओं को समृद्ध करने के लिए संस्कृत भाषा का विकास आवश्यक है। प्रो सलूजा ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के परिप्रेक्ष्य में संस्कृत शिक्षण में विविध अनुप्रयोग विषय पर अपना विचार व्यक्त की। इस कार्यशाला कार्यक्रम की  अध्यक्षता करते हुए परिसर निदेशक प्रो नीलाभ तिवारी ने कहा कि नासिक परिसर बहुविषयक शास्त्र अध्ययन के अग्रसर है । नासिक परिसर में विभिन्न पाठ्यक्रमो का क्रियान्वयन एवं निर्माण किया जा रहा है।जैसे प्राचीन शास्त्रों के साथ  बीए सिविल सर्विस एम ए हिन्दू अध्ययन, एम ए संस्कृत एवं बीटेक आदि शामिल है। कार्यशाला में 80प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया। विशेष अतिथि के के रूप संसाधक   संस्कृत संवर्धन प्रतिष्ठान, नई दिल्ली के डा मनमोहन शर्मा,कार्यक्रम का संयोजन डॉ. कुमार, शिक्षाशास्त्र विद्याशाखाध्यक्ष, धन्यवाद शिक्षा शास्त्र के सहायक आचार्य डॉ विद्याधर प्रभल ने जबकि मंच संचालन साहित्य विभाग के डा संदीप जोशी ने  किया। यह जानकारी प्रेस को जारी एक विज्ञप्ति में परिसर के प्रभारी,सूचना जनसंपर्क अधिकारी डॉ रंजय कुमार सिंह ने दी।

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