बसंतोत्सव २०२६ में देश भर के कवियों ने बिखेरे विविध रंगजवाहरलाल निर्झर को शब्द साधक सम्मान २०२६ दिया गया
बसंतोत्सव २०२६ में देश भर के कवियों ने बिखेरे विविध रंग
जवाहरलाल निर्झर को शब्द साधक सम्मान २०२६ दिया गया
पूर्वांचल मानस मंडल द्वारा मुंबई के मलाड़ पूर्व में शारदा ज्ञानपीठ सभागार में आयोजित बसंतोत्सव २०२६ राष्ट्रीय हिंदी साहित्य अधिवेशन आयोजित किया गया। रविवार १ फरवरी के कार्यक्रम में देश भर से कवियों साहित्यकारों की उपस्थिति रही अधिवेशन की अध्यक्षता हिंदी साहित्य अकादमी के सर्वोच्च सम्मान से सम्मानित श्री रामकृष्ण सहस्रबुद्धे जी ने की स्वागताध्यक्ष श्री देवेन्द्र तिवारी जी थे। महानगर के वरिष्ठ कवि जवाहरलाल निर्झर जी को महानगरीय साहित्य गोष्ठियों के योगदान हेतु शब्द साधक सम्मान से सम्मानित किया गया।
राष्ट्रवाद के पर्याय ओज कवि श्री योगेन्द्र शर्मा जी कार्यक्रम के मुख्य आकर्षण रहे, जिन्होंने प्रथम सत्र की अध्यक्षता भी की। महानगर के प्रतिष्ठित हास्य-व्यंग्य के हस्ताक्षर महेश दुबे के साथ साथ सुविख्यात हास्यकवि मंच संचालक श्री सुरेश मिश्रा जी ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।
कार्यक्रम सुबह ११.०० से रात ९.०० बजे तक तीन सत्रों में सम्पन्न हुआ। प्रथम सत्र की अध्यक्षता श्री योगेन्द्र शर्मा जी ने और संचालन श्री उमेश मिश्रा "प्रभाकर" ने किया। द्वितीय सत्र की अध्यक्षता श्री निडर जौनपुरी ने व संचालन पंकज अंगार ने किया। त्रितीय सत्र की अध्यक्षता श्री रामकृष्ण सहस्रबुद्धे ने व संचालन राजेश "अल्हड़ असरदार" ने किया।
मुख्य अतिथि श्री केवल कोठारी जी व विशिष्ट अतिथियों में स्थानिक नगरसेवक अड्वो. सिद्धार्थ शर्मा व श्री संजय कांबले सहित श्री विनय कुमार दुबे, श्री प्रभाकर शुक्ला, श्री श्री राजेश गोहिल, श्री प्रकाश राठोड़, श्री शिव नारायण सोनी, श्री संतोष राठोड़, श्री लालचंद तिवारी, श्री बंशीधर चौबे, श्री राजेन्द्र चौबे तथा सौ. भारती श्रीवास्तव ने विभिन्न सत्रों में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। वरिष्ठ साहित्यकार श्री राम सिंह, रेखा किंगर "रोशनी", कमलेश पाण्डेय तरूण, दिनेश बैसवारी और डाॅ. कनकलता तिवारी ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई व काव्यपाठ किया।
इस साहित्य अधिवेशन मे उतर प्रदेश, राजस्थान, मध्यप्रदेश, तमिलनाडु सहित महाराष्ट्र के नागपुर, सातारा मुंबई महानगर व उपनगरों के लगभग ७० कवियों ने काव्य पाठ किया।
राकेश मणि त्रिपाठी, शारदा प्रसाद दुबे, सुजाता उदेशी, प्रकाश कुमार, संजीव द्विवेदी, श्रीधर मिश्रा, कविता झा, शिवकुमार सिंह, सुमित्रा गुप्ता, अमरनाथ द्विवेदी, मीना घुमे, लक्ष्मीकांत कमलनयन, किरन तिवारी, निरज शर्मा, कुसुम तिवारी, अरूण दुबे, शीतल देवयानी, राजीव मिश्रा, राजेश ऋतुपर्ण, माया मेहता, किरन मिश्रा, काजू निषाद, विनोद कुमार शुक्ल, रितेश गौड़, आनंद पांडेय, अनिल गौड़, इंदु मिश्रा, नीतू पाण्डेय आदि कवियों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई व काव्यपाठ किया।
अखिल भारतीय साहित्य परिषद मुंबई, संगीत साहित्य मंच, हृदयांगन सामाजिक साहित्यिक संस्था, सुधा सामाजिक साहित्यिक संस्था, हस्ताक्षरम् सामाजिक साहित्यिक संस्था, बाबू शोभनाथ मेमोरियल ट्रस्ट आदि संस्थाओं के सहयोग से अन्नपूर्णा गुप्ता "सरगम", बिट्टू जैन "सना", संगीता पाण्डेय, सीमा त्रिवेदी, डॉ मृदुल तिवारी "महक", हिरालाल चौधरी, बिपीन दुबे, रिना धीमान "स्वर्ण" के संयोजन में रामजीत गुप्ता, विधु भूषण त्रिवेदी, सत्यभामा सिंह, वाचस्पति तिवारी, रजनी साहू, बसंत आर्य व रामकृष्ण गुप्ता द्वारा आयोजित कार्यक्रम का नेतृत्व राजेश दुबे "अल्हड़ असरदार" तथा सदाशिव चतुर्वेदी ने किया।
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