भगवान की भक्ति से कठिन परिस्थितियों में भी निडर बनता है भक्त : बालकृष्णाचार्य महाराज
भगवान की भक्ति से कठिन परिस्थितियों में भी निडर बनता है भक्त : बालकृष्णाचार्य महाराज
भायंदर। भगवान की भक्ति, ईश्वर के प्रति निस्वार्थ प्रेम और पूर्ण समर्पण है, जो मानसिक शांति, आंतरिक शुद्धि और सात्विक गुणों का विकास करती है। यह तनाव कम करती है, जीवन में अर्थ लाती है और जन्म-मरण के चक्र से मुक्ति (मोक्ष) का मार्ग प्रशस्त करती है। भक्ति से ईश्वर की कृपा और मार्गदर्शन प्राप्त होता है, जो भक्त को हर परिस्थिति में निडर बनाता है। यही कारण है कि भक्त प्रहलाद ने कठिन परिस्थितियों में भी भगवान की भक्ति नहीं छोड़ी। आखिरकार भगवान को उनकी रक्षा के लिए नरसिंह अवतार में आना पड़ा और पापी हिरण्यकशिपु का वध करना पड़ा। जन कल्याण सेवा चैरिटेबल ट्रस्ट द्वारा भाईंदर पूर्व के न्यू गोल्डन नेस्ट स्थित महालक्ष्मी स्वीट्स के पास आयोजित संगीतमय सार्वजनिक श्रीमद् भागवत सप्ताह ज्ञानयज्ञ के व्यासपीठ से बोलते हुए प्रख्यात कथावाचक बालकृष्णाचार्य जी महाराज ने उपरोक्त बातें कही। कथा का आयोजन 25 दिसंबर से 31 दिसंबर तक किया गया है। 01 फरवरी को सुबह 10 बजे से यज्ञ और दोपहर 01 बजे से प्रसाद का आयोजन किया गया है। कार्यक्रम के संयोजक न्यू गोल्डन नेस्ट सार्वजनिक उत्सव मंडल के पदाधिकारी हैं। महेश नरेश म्हात्रे और दीपक सावंत ने लोगों से कथा का लाभ उठाने की अपील की है।
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