काव्य सृजन के पटल पर पधारे अंसार कंबरी
काव्य सृजन के पटल पर पधारे अंसार कंबरी
काव्य सृजन परिवार ने शौर्य की कवियित्री के रूप में प्रसिद्ध अपनी कोषाध्यक्ष डॉ वर्षा सिंह का जन्मोत्सव ऑन लाइन उन पर काव्य सुमन की वर्षा करके मनाया..
यह अवसर तब स्मर्णीय हो गया ज़ब वर्षा जी को बधाई देने काव्य सृजन के पटल पर " भारत सरकार द्वारा सौहार्द्र सम्मान से अभिनंदित तथा लालकिले की प्राचीर से राष्ट्रीय गीतों का काव्य पाठ करने वाले और श्रीराम पर लिखते प्रसिद्ध संस्था *मानस संगम* से सम्मानित प्रसिद्ध गजलकार *अंसार कंबरी* भी पधारे और अपना काव्य पाठ करते वर्षा सिंह जी को एवम परिवार के सभी सदस्यों को हार्दिक शुभकामनायें दीं..
काव्य सृजन की महिला मंच ने अपनी लाडली कोषाध्यक्ष डॉ वर्षा सिंह का जन्मदिन 22 जुलाई 2021 दिन गुरुवार को बड़े ही सुन्दर अंदाज में मनाया|
सौ.रश्मिलता मिश्रा जी की अध्यक्षता में बड़े ही सुन्दर ढंग से संचालन सौ.संगीता पाण्डेय जी ने किया|पं.शिवप्रकाश जौनपुरी जी के मार्गदर्शन में सौ.डॉ भावना दिक्षित जी की गरिमामय उपस्थित में देश के अन्य भागों से जुड़कर कवि कवयित्रियों ने अपनी लाडली सौ.डॉ वर्षा सिंह जी को ढेरों बधाइयाँ व शुभकामनायें दीं|
अपने शब्द रूपी पुष्पगुच्छों से शुभकामनाएं देने वाले कवि सर्वश्री पं.श्रीधर मिश्र,डॉ श्रीहरि वाणी,पं माता प्रसाद शर्मा,डॉ भावना दिक्षित,रश्मिलता मिश्रा,पं.शिवप्रकाश "जौनपुरी",इंदू मिश्रा,सुमन तिवारी,स्वयं डॉ वर्षा सिंह,प्रा.अंजनी कुमार "रसिक"हौंसिला प्रसाद अन्वेषी,शारदा प्रसाद दूबे "शरद"
मनि़दर सरकार,संगीता पाण्डेय आदि रहीं|
इस आयोजन को सुनने देखने व बधाई देने के लिए दूर दूर से कई श्रोता भी जुड़े रहे|जिसमें प्रमुख रूप से पं.शिवप्रकाश जौनपुरी के पोते अंशित पाण्डेय शुरू से लेकर आखिर तक डटे रहे ,अमित कुमार सिंह,अर्चना चौहान,खुशी चौहान व नरेन्द्रपाल सिंह आदि और कई लोग रहे|सबके नाम लिखना सम्भव नहीं है|
अपने अध्यक्षीय भाषण में आदरणीया सौ.रश्मिलता मिश्रा जी जो कि संस्था की छत्तीसगढ़ इकाई की अध्यक्षा भी हैं|बड़े ही सुन्दर अंदाज में सभी रचनाकारों का उत्साहवर्धन करते हुए व वर्षा सिंह जी को आशिर्वचन देते हुए विवेचना की|मुख्य अतिथि डॉ भावना दिक्षित जी ने भी ढेरों बधाई और शुभकाना के साथ महिलामंच के इस उत्कृष्ट आयोजन के लिए साधुवाद दिया|
अंत में डॉ वर्षा सिंह जी ने संस्था का,उपस्थित लोगों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि आज मैं आप सबका जो,जो हमारे जन्मदिन के अवसर पर आयोजित काव्यसंध्या में अपना कीमती समय निकाल कर मुझे शुभकामना देने के लिए उपस्थित हैं ,सबका मैं हृदय की गहराइयों से अभिनंदन वंदन करती हूँ|आज का दिन आप सबकी उपस्थिति से अविश्मरणीय हो गया|आप सबका प्यार दुलार पाकर आह्लादित हूँ|
आज वास्तव में जिसे " अतिथि " कहते हैं, उसी प्रकार अप्रत्याशित रूप में कानपुर से श्रीहरि वाणी जी के साथ पधारे आदरणीय "अंसार कंबरी " जी की गरिमामय उपस्थिति जन्मदिन की सर्वोत्तम भेंट हैं यह सदैव स्मरण रहेगी
इसी तरह आप सबका लाड प्यार सहयोग मुझ पर और हमारी संस्था पर सदैव बना रहे|एक बार पुनः आप सबका स्वागत आभार वंदन अभिनंदन|
Comments
Post a Comment