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बेरोज़गारी दूर करने का दूसरा नाम है आरसीएम

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बेरोज़गारी दूर करने का दूसरा नाम है आरसीएम  वाराणसी  देश में बढ़ती बेरोजगारी दूर करने का दूसरा नाम आरसीएम है जो आज संपूर्ण भारत में तेजी से बढ़ रहा है।उसी कड़ी में बेरोजगार महिलाओं एवं पुरुषों को प्रशिक्षित करने के उद्देश्य से शनिवार 21 फरवरी 2026 को जौनपुर मंडल प्रभारी आलोक मौर्य सर के मार्गदर्शन में जौनपुर शहर के उत्कृष्ट प्रशिक्षक रविन्द्र कुमार शर्मा पहुंचे खालिसपुर बाजार वाराणसी जहां महिलाओं ने बढ़ चढ़ कर हिस्सा लिया। रविन्द्र कुमार शर्मा ने उपस्थित बेरोजगारों को आरसीएम बिजनेस के संबंध में विधिवत समझाया कि आरसीएम कैसे और क्यों करना है ? उन्होंने बिगीनर का रोड मैम दर्शाया और बताया जो यहां से शुभारंभ करेगा वह भविष्य में लायल्टी बन सकता है। परिवार के तीन पीढ़ियों का भविष्य बनाना है तो आरसीएम ज्वाइन कीजिए और परिश्रम कीजिए। यहां एक पैसा डोनेशन नहीं देना है सिर्फ यहां दूकान बदलकर खाना और खिलाना है।आप जितनी अधिक संख्या में लोगों तक जुड़ेंगे आपकी कमाई उतनी अधिक बढ़ेगी।

यूपी माटी कला बोर्ड द्वारा आयोजित कार्यक्रम में डॉ उमेश चंद्र तिवारी समेत अनेक लोगों का सम्मान

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यूपी माटी कला बोर्ड द्वारा आयोजित कार्यक्रम में डॉ उमेश चंद्र तिवारी समेत अनेक लोगों का सम्मान  जौनपुर। उत्तर प्रदेश माटी कला बोर्ड के तत्वाधान में जिला ग्रामोद्योग कार्यालय जौनपुर में भव्य कार्यक्रम आयोजित किया गया है।  जिसमें 50 माटी कला के कारीगरों को निशुल्क विद्युत चालित चाक व तीन पगमिल  वितरित किया गया। समारोह के मुख्य अतिथि भाजपा जिलाध्यक्ष अजीत प्रजापति, विशिष्ट अतिथि नगर पालिका परिषद जौनपुर की अध्यक्ष श्रीमती मनोरमा मौर्य थी। उन्होंने अपने संबोधन में केंद्र सरकार द्वारा समाज के गरीब असहाय जरूरतमंद लोगों के लिए चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं के बारे में विस्तार से बताया। यह भी कहा कि उद्योग विभाग से लोगों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए समय-समय पर तमाम कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। समारोह में सुइथाकला विकासखंड के ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि डॉ उमेश चंद तिवारी ने इस कार्यक्रम की प्रशंसा करते हुए कहा कि इससे युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने में मदद मिलेगी। प्रदेश की योगी सरकार की यह सबसे अच्छी और सफल योजना है इसका प्रचार प्रसार गांव-गांव में करने की जरूरत है। ब्लॉक प्रमुख...

केंद्रीय विश्वविद्यालय नाशिक परिसर में भारतीय भाषा परिवार का दो दिवसीय कार्यशाला संपन्न।

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केंद्रीय विश्वविद्यालय नाशिक परिसर में भारतीय भाषा परिवार का दो दिवसीय कार्यशाला संपन्न।  नाशिक :केन्द्रीय विश्वविद्यालय नाशिक परिसर में भारतीय भाषा परिवार का दो दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस अवसर पर भारतीय भाषा परिवार समिति के अध्यक्ष चम्मूकृष्ण शास्त्री ने आभासीय रूप से अपने विचारों को व्यक्त करते हुए कहा कि कोई भी भारतीय भाषा समाज, राष्ट्र एवं देश को तोड़ने के लिए नहीं होता है, बल्कि इन तीनों को जोड़ने के लिए होता है। ब्रिटिश शासन के पूर्व भारत में भाषा के आधार पर द्वेष नहीं था  विविधता में एकता का परिचय था। यही भारत की संस्कृति और सभ्यता की पहचान थी जिसे अंग्रेजो ने नष्ट करने का काम किया अब विविधता में एकता का को बनाए रखने का काम भारतीय भाषा परिवार के माध्यम से किया जा सकता है तभी हमारी संस्कृति और सभ्यता के द्वारा एक भारत श्रेष्ठ भारत का नारा सार्थक होगा। मुख्य अतिथि के रूप में पांडिचेरी विश्वविद्यालय हिंदी विभागाध्यक्ष ने कहा कि वर्तमान समय में राष्ट्र में भाषा के द्वारा नफरत फैलाने का काम किया जा रहा है। किंतु जो काम 18वीं सदी में किया ग...

*फंस गया हिरन*

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*फंस गया हिरन*      एक हिरन जंगल में बड़े मजे से सुकोमल घास चर रहा था और खुब आनंदित भी था।उसे भान भी नहीं था कि मौत उसके चारों तरफ उसका इंतजार कर रही है। जबतक वह सम्हल पाता तबतक देर हो चुकी थी।वह शिकारियों के मध्य फंस गया।एक तरफ सियारों का झुंड था।एक तरफ शेरों का झुंड था।एक तरफ कुत्तों का झुंड था।एक तरफ दल दल था।ऊपर गिद्धों का झुंड मंडरा रहा था।अब वह हिरन जाये तो जाये किधर।मौत उसके चारों तरफ थी।शेर की तरफ जाये तो वो फाड़के खा जायेगा।सियार की तरफ जाये तो नीछ नीछ कर खा जायेंगे। कुत्तों की तरफ भी सियारों वाली दुर्दशा होगी।दल दल में जाता हूॅं तो मृत्यु वहाॅं भी निश्चित है।ऊपर कुलांचे मारता हूॅं तो गिद्ध मंडरा रहे हैं।यही सोचते सोचते वह दल दल के पास तक आ गया।अन्य शिकारी उसका पीछा करते चले आ रहे हैं।वह अपनी जान बचाने के लिए दल दल की तरफ खिसकता आ रहा है।आखिर में उसने निर्णय किया कि शायद दल दल से निकल जाऊॅंगा और जीवन बच जायेगा। क्योंकि अन्य जितने शिकारी थे।सबके सब अपना प्रदर्शन कर रहे थे।शेर गर्जन कर रहे थे।कुत्ते भौंक रहे थे।सियार गुर्रा रहे थे।गिद्ध भी चींचियां रहे ...

*महिला शक्ति का शंखनाद: पूर्वांचल में संगठन विस्तार को लेकर बड़ी रणनीतिक बैठक सम्पन्न*

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*महिला शक्ति का शंखनाद: पूर्वांचल में संगठन विस्तार को लेकर बड़ी रणनीतिक बैठक सम्पन्न* रिपोर्टर, सुरेश कुमार शर्मा  जौनपुर/वाराणसी। पूर्वी उत्तर प्रदेश की राजनीति में नई ऊर्जा का संचार करते हुए आज लोक जनशक्ति पार्टी रामविलास महिला मोर्चा की मंडल प्रभारियों की महत्वपूर्ण बैठक सफलतापूर्वक सम्पन्न हुई। बैठक की अध्यक्षता प्रदेश अध्यक्ष डॉ. प्रीति उपाध्याय ने की। बैठक में संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने का स्पष्ट रोड मैप तैयार किया गया। वाराणसी मंडल की प्रभारी व प्रदेश उपाध्यक्ष शशि श्रीवास्तव, मिर्जापुर मंडल की प्रभारी सीमा एवं प्रदेश प्रधान महासचिव सीमा सिंह, तथा आज़मगढ़ मंडल की प्रभारी व प्रदेश उपाध्यक्ष अनीता कुमारी को अपने-अपने मंडलों में संगठन को बूथ स्तर तक सशक्त करने की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई। प्रदेश अध्यक्ष डॉ. प्रीति उपाध्याय ने कहा कि महिला मोर्चा पार्टी की रीढ़ है। और पूर्वांचल की हर विधानसभा व हर बूथ तक पार्टी की विचारधारा पहुंचाना अब प्राथमिक लक्ष्य है। उन्होंने कार्यकर्ताओं में जोश भरते हुए कहा कि संगठन की मजबूती ही आने वाले राजनीतिक समीकरण तय करेगी। ब...

*एक अदद सुख........!*

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*एक अदद सुख........!* अगर मैं....! इकट्ठा करना चाहूँ.... अपने बचपन के संस्मरण.... बनाकर सहेजना चाहूँ....! बचपन से आज तक के.... अपने द्वारा अभिनीत..... सभी सच्चे-झूठे नाटकों का, एक श्रृंखलाबद्ध चलचित्र..... कहाँ संभव है मित्रों.....? याद कर पाना....सोच पाना... या फिर....कल्पना ही कर पाना...  हूबहू वैसा ही....बचपन जैसा ही... बस इस कारण ही....! मैं अक्सर गुजारा करता हूँ..... अपना कुछ बहुमूल्य समय, अपने से बेहद कम उम्र के.... बच्चों की टोलियों के साथ.... उकसाया भी करता हूँ उन्हें....! उल्टी-सीधी हरकतों के लिए.... इन निश्छल शरारतों में...आज भी.. ढूँढता हूँ....अपना प्यारा बचपन.... इसी कड़ी में यह भी सोचता हूँ....! कि....बूढ़ा-बुजुर्ग होने पर....  स्मरण ही कहाँ रहेंगे....? कोई भी कहानी या संस्मरण...... बना भी नहीं पाऊँगा, कोई भी चलचित्र.....क्योंकि...? क्षमता भी...कम ही हो गई होगी... उस समय मित्र....लिहाजा....! प्रक्षेपित कर लेता हूँ....खुद को.... कुछ समय के लिए.... आसपास के बुजुर्गों के बीच.... सुनने को उनके किस्सों की सौगात, और....कोशिशें करता हूँ.... सुरक्षित-संरक्षित र...

राज्यसभा की दहलीज पर पूर्व गृह राज्य मंत्री गजानन कीर्तिकर

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राज्यसभा की दहलीज पर पूर्व गृह राज्य मंत्री गजानन कीर्तिकर  मुंबई। महाराष्ट्र की राजनीति में एक नई हलचल तब तेज हो गई जब राज्य के पूर्व गृह राज्य मंत्री गजानन कीर्तिकर ने उपमुख्यमंत्री एवं शिवसेना नेता एकनाथ शिंदे को पत्र लिखकर राज्यसभा चुनाव में अपनी उम्मीदवारी के लिए औपचारिक आग्रह किया। यह पत्र केवल एक व्यक्तिगत राजनीतिक अभिलाषा नहीं, बल्कि शिवसेना की आंतरिक संरचना और भविष्य की रणनीति का संकेत भी माना जा रहा है।  शिवसेना की स्थापना से सक्रिय भूमिका गजानन कीर्तिकर शिवसेना की स्थापना काल से सक्रिय रूप से जुड़े रहे हैं। उन्होंने संगठन निर्माण से लेकर जन-आंदोलनों तक में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। पिछले चार वर्षों से वे एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना धड़े में विशेष रूप से सक्रिय हैं और संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने में योगदान दे रहे हैं। लोकसभा सदस्य के रूप में भी उन्होंने कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर मुखर भूमिका निभाई है। चाहे वह मराठी अस्मिता का प्रश्न हो, स्थानीय विकास का विषय हो या केंद्र-राज्य संबंधों का मामला — कीर्तिकर ने संसद में अपनी आवाज बुलंद की है। ...