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पिता के वचन की मर्यादा के लिए श्रीराम ने त्यागे राजमहल के सुख : आचार्य शांतनु जी महाराज

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पिता के वचन की मर्यादा के लिए श्रीराम ने त्यागे राजमहल के सुख : आचार्य शांतनु जी महाराज जौनपुर। बीआरपी इंटर कॉलेज मैदान में वरिष्ठ भाजपा नेता ज्ञान प्रकाश सिंह द्वारा आयोजित नौ दिवसीय श्रीरामकथा के सप्तम दिवस कथाव्यास आचार्य शांतनु जी महाराज ने भगवान श्रीराम के वनगमन और राजा दशरथ जी के महाप्रयाण का भावपूर्ण वर्णन किया। प्रभु श्रीराम, माता सीता और लक्ष्मण जी के त्याग तथा पिता के वचन के प्रति समर्पण के प्रसंगों ने श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया।आचार्य शांतनु जी महाराज ने कहा कि भगवान श्रीराम ने पिता की आज्ञा और रघुकुल की मर्यादा की रक्षा के लिए राजमहल के सुखों का त्याग किया। माता सीता और लक्ष्मण जी का वनगमन प्रेम, त्याग और समर्पण की अनुपम मिसाल है। वहीं, श्रीराम के वियोग में राजा दशरथ जी के महाप्रयाण का प्रसंग सुन श्रद्धालुओं की आंखें नम हो गईं। कथा के माध्यम से महाराज जी ने परिवार में संस्कार, माता-पिता के सम्मान और कर्तव्यपालन का संदेश दिया। कथा का विशेष आकर्षण जनपद के प्रमुख देवस्थानों के महंतों, पीठाधीश्वरों एवं पुरोहितों का मंच से सम्मान रहा। मुख्य आयोजक ज्ञ...

" किसे चुनूं "(कविता)-- डाॅ. अनिल 'आबशार'

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" किसे चुनूं "(कविता) -- डाॅ. अनिल 'आबशार' त्रेता के बाद द्वापर,कलियुग इसके बाद आता है. एक क्रमबद्ध यात्रा है काल की या यूं कहें एक ही जगह ठहरे हुए अनादि और अनंत काल की अकल्पनीय विशालता में दौड़ता भागता छिपता उभरता उछलता कूदता फिर हांफता थकता यात्रा करता है जीवन। जीवन चलता है रूप बदलता है नए नए रंगों में ढलता है साथ साथ बदलते हैं मान्यताएं,मूल्य,नैतिकता और आदर्श भी। पिता के आदेश को बिना किसी विचार के, हित अहित,पक्ष प्रतिपक्ष को सोचे पालन करना- तत्क्षण, धीरे धीरे बदल कर तथाकथित दुःखनाश की ओट में साधन पथ अपनाकर त्याग देना जरा जीर्ण पिता की चाहतों आशाओं को ठोकर मार कर निकल जाना बन जाती हैं। जहां राजसत्ता छोड़ी ही नहीं जाती अयोध्या में बाँटी भी जाती है किष्किंधा और लंका में। एक व्यक्तित्व जिसकी शीतल छाया में बंदर भी शिल्प तकनीक सीखते हैं उद्यम करते हैं। नारी सम्मान के लिए युगों युगों की उपेक्षा को लात मार देना या सर्वस्व दांव पर लगा देना भाई के प्राण भी। लोक मंगल की सद्वृत्तियां जहां अस्थियों की ढेर बनी पड़ी हों उनकी वैरी कुवृत्तियों के सर्वनाश का संकल्प। व...

साहित्यकार भगवानदास मोरवाल को एक लाख रुपए के ‘ज्ञानाब्धि राष्ट्रीय पुरस्कार’ से सम्मानित हुए

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साहित्यकार भगवानदास मोरवाल को एक लाख रुपए के ‘ज्ञानाब्धि राष्ट्रीय पुरस्कार’ से सम्मानित हुए  गुजरात। शरदपूर्णिमा के पावन अवसर पर चापड़ , वडोदरा स्थित मेडिटेशन आश्रम में गुरुमैया डॉ. हरेश्वरीदेवी चैरिटेबल फाउंडेशन द्वारा आयोजित एक भव्य समारोह में हिन्दी के प्रतिष्ठित साहित्यकार भगवानदास मोरवाल तथा गुजराती के सुविख्यात कवि डॉ. माधव रामानुज को ‘ज्ञानाब्धि राष्ट्रीय पुरस्कार’ से विभूषित किया गया। इस अवसर पर दोनों साहित्यकारों को गुरुमैया डॉ. हरेश्वरीदेवी के वरदहस्त से कुमकुम तिलक, श्रीफल, एक लाख रुपए का चेक, भव्य सम्मान-फलक, पुष्पगुच्छ और शाल प्रदान कर उनका भावपूर्ण अभिनंदन किया गया। गुरुमैया डॉ. हरेश्वरीदेवी की अध्यक्षता समारोह में राजपीपला स्थित बिरसा मुंडा ट्राइबल यूनिवर्सिटी के कुलपति डॉ. मधुकर एस. पाडवी, महाराजा सैयाजीराव विश्वविद्यालय, वडोदरा के हिंदी विभाग की अध्यक्ष डॉ. कल्पना गवली, अंजार आश्रम के संचालक महंत डाह्यालालजी, अधिवक्ता सोहिल गोडिया तथा जयरामभाई विशिष्ट अतिथियों के रूप में मंचासीन रहे। कवि गिरिराज ब्रह्मभट्ट ‘सरल’ ने संस्था की विविध सेवाभावी गतिविधियों...

जौनपुर में श्री राम कथा का छठा दिन, श्रीराम वन गमन और केवट संवाद का मार्मिक वर्णन

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जौनपुर में श्री राम कथा का छठा दिन, श्रीराम वन गमन और केवट संवाद का मार्मिक वर्णन  जौनपुर। नगर के बीआरपी इंटर कॉलेज मैदान में वोभाजपा के वरिष्ठ नेता ज्ञान प्रकाश सिंह द्वारा आयोजित नौ दिवसीय श्रीरामकथा के छठवें दिन कथाव्यास आचार्य शांतनु जी महाराज ने अयोध्याकांड, श्रीराम वनगमन, केवट संवाद और उर्मिला के त्याग सहित कई प्रसंगों का भावपूर्ण वर्णन किया। कथा के दौरान भगवान श्रीराम के वनगमन और केवट संवाद के प्रसंगों ने श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया। इस अवसर पर मुख्य आयोजक ज्ञान प्रकाश सिंह ने निषाद समाज के लालजी निषाद का मंच पर सम्मानित किया। आचार्य शांतनु जी महाराज ने कहा कि थोड़ा सा सत्संग मिल जाए तो जीवन धन्य हो जाता है, जबकि एक क्षण का कुसंग जीवन को नरक की ओर ले जा सकता है। सत्संग मनुष्य को अच्छे मार्ग पर ले जाता है, वहीं कुसंग उसे पतन की ओर धकेलता है। उन्होंने मंथरा और कैकेयी के प्रसंग का उल्लेख करते हुए कहा कि मंथरा पर कुसंग का प्रभाव था। उसने कैकेयी की बुद्धि को प्रभावित कर उनके मन में कौशल्या के प्रति संदेह पैदा किया। मंथरा ने कैकेयी से कहा कि भरत ननिहाल ...

जनभाषा प्रचार समिति की मासिक काव्यगोष्ठी संपन्न

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जनभाषा प्रचार समिति की मासिक काव्यगोष्ठी संपन्न  ठाणे  साहित्यिक सामाजिक एवं सांस्कृतिक संस्था जनभाषा प्रचार समिति की मासिक काव्य गोष्ठी विगत शनिवार 24 अक्टूबर 2026 को मुन्ना बिष्ट कार्यालय में संपन्न हुआ।जिसकी अध्यक्षता डॉ प्रमोद पल्लवित ने किया तथा विशिष्ट अतिथि के रूप में त्रिलोचन सिंह अरोरा उपस्थित थे। मंच का खूबसूरत संचालन विनय सिंह `विनम्र’ ने किया। मां सरस्वती वंदना के पश्चात कविगोष्ठी का शुभारंभ किया गया जिसमें आनंद पांडे केवल, नंदलाल क्षितिज, डॉक्टर शारदा प्रसाद दुबे सरत चंद्र, नरसिंह हैरान जौनपुरी, सुशील नाचीज, नामदार राही, कुमार भारतीय, त्रिलोचन सिंह अरोड़ा, विजय कुलकर्णी,टी आर खुराना, लाल बहादुर यादव कमल, लाल रोहरा, उमाकांत वर्मा, मुन्ना यादव मयंक की उपस्थिति रही। उपस्थित सभी साहित्यकारों ने अपने काव्य पाठ से श्रोता साहित्यकारों को मंत्रमुग्ध कर दिया।अंत में राष्ट्रगान के साथ काव्य गोष्ठी का समापन हुआ।

मल्लिकार्जुन खरगे देश से माफी मांगें : मंत्री मंगलप्रभात लोढ़ा

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मल्लिकार्जुन खरगे देश से माफी मांगें : मंत्री मंगलप्रभात लोढ़ा  मुंबई। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बारे में दिए गए आपत्तिजनक बयान की कैबिनेट मंत्री मंगलप्रभात लोढ़ा ने कड़े शब्दों में निंदा की है। खरगे अपने बयान के लिए देश से माफी मांगें, ऐसी मांग मंत्री लोढ़ा ने की। इस संबंध में कैबिनेट मंत्री मंगलप्रभात लोढ़ा ने कहा कि विनाशकाले विपरीत बुद्धि। इससे पहले राहुल गांधी छोटे बच्चों की तरह व्यवहार कर रहे थे। मल्लिकार्जुन खरगे ने जो बयान दिया, उससे उनकी बुद्धि कितनी है, यह दिखाई दिया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक महान व्यक्तित्व हैं और उनके बारे में इस तरह का बयान देना किसी को भी शोभा नहीं देता। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बारे में आपत्तिजनक बयान देना केवल एक व्यक्ति का अपमान नहीं, बल्कि देश का अपमान है, ऐसा मंत्री लोढ़ा ने कहा। खरगे अपने बयान के लिए देश से माफी मांगें। अन्यथा जनता उन्हें माफ नहीं करेगी, ऐसी चेतावनी भी मंत्री लोढ़ा ने दी।

भारती प्रसार परिषद मुंबई का आगामी वार्षिकोत्सव

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भारती प्रसार परिषद मुंबई का आगामी वार्षिकोत्सव  मुंबई  भारती प्रसार -परिषद,मुंबई कार्यकारिणी की मासिक सभा का आयोजन रविवार 25 अक्टूबर 2026 को हुआ। जिसमें कार्यकारिणी के पदाधिकारियों ने सभी सदस्यों को सूचित किया कि आगामी वार्षिकोत्सव वर्ष 2025- 2026 ई हेतु परीषद की वार्षिक सर्व साधारण सभा उपनगरीय शाखा -भारती सभागार उर्मिलानिकेतन, गणेशनगर ,दहिसर पूर्व में दिनांक-21 नवंबर 2026 को दोपहर दो बजे आयोजित की गयी है जिसमें सभी अपनी उपस्थिति दर्ज करावें।यह सूचना शिवकुमार सिंह महामंत्री भारती प्रसार में-परिषद,मुंबई ने दी।