Posts

प्रभारी निरीक्षक, सिंगरामऊ द्वारा बच्चों को पटाखे व मिठाई वितरित

Image
प्रभारी निरीक्षक, सिंगरामऊ द्वारा बच्चों को पटाखे व मिठाई वितरित  जौनपुर। दीपावली के अवसर पर आज सिंगरामऊ थाने के प्रभारी निरीक्षक अखिलेश मौर्या द्वारा मल्लूपुर तथा महदा गांव में बच्चों को पटाखे व मिठाइयों का वितरण किया गया। इस अवसर पर सिंगरामऊ थाने के हेड कॉन्स्टेबल विशेष द्विवेदी, जितेंद्र कुमार, रियाज अहमद, रमाशंकर मौर्य, मानस पांडे, कल्पना सिंह भी उपस्थित रहे। मिठाई और पटाखे पाकर बच्चों के चेहरे खिल उठे। प्रभारी निरीक्षक अखिलेश मौर्या ने कहा कि दीपावली के अवसर पर देश के भविष्य कहे जाने वाले बच्चों के चेहरों पर मुस्कान लाने की भावना के साथ यह कार्यक्रम किया गया। इस अवसर पर गांव के लोग भी उपस्थित रहे।

2027 में समाजवादी पार्टी की सरकार बनना सुनिश्चित: तनुज पांडेय

Image
2027 में समाजवादी पार्टी की सरकार बनना सुनिश्चित: तनुज पांडेय जौनपुर। उत्तर प्रदेश में वर्ष 2027 में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज होने लगी हैं। इसी क्रम में शनिवार को समाजवादी पार्टी के नेता तनुज पांडेय ने अपने आवास आशा मधुपुर में दीपावली की शुभकामनाएं देने के अवसर पर पत्रकारों के साथ प्रेस वार्ता की। इस दौरान उन्होंने बदलापुर विधानसभा की राजनीतिक स्थिति, क्षेत्रीय विकास और आगामी चुनाव को लेकर अपनी बात रखी। उन्होंने पूर्व विधायक ओमप्रकाश 'बाबा' दुबे की प्रस्तावित साइकिल यात्रा पर टिप्पणी करने के साथ ही वर्तमान विधायक रमेश चंद्र मिश्र के संतृप्त बदलापुर के दावे पर भी सवाल उठाए।पूर्व विधायक ओमप्रकाश 'बाबा' दुबे की 11 नवंबर को प्रस्तावित साइकिल यात्रा को लेकर पूछे गए सवाल पर तनुज पांडेय ने तंज कसते हुए कहा कि दुबे जी साइकिल यात्रा के बाद हाथी यात्रा भी निकालेंगे। वहीं, यह पूछे जाने पर कि क्या वह इन यात्राओं के जवाब में कोई बड़ी लकीर खींचेंगे, उन्होंने कहा कि उनका किसी से कोई मुकाबला नहीं है। उनका उद्देश्य क्षेत्र की जनता के बीच पहुंच...

महाराष्ट्र के मंत्री मंगलप्रभात लोढ़ा ने आदिवासियों के साथ मनाई दिवाली

Image
महाराष्ट्र के मंत्री मंगलप्रभात लोढ़ा ने आदिवासियों के साथ मनाई दिवाली मुंबई। राज्य में सूखे का संकट मंडरा रहा है। ऐसे में किसानों और आदिवासी भाई-बहनों के साथ दिवाली मनाने का आह्वान मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने किया था। इस आह्वान का प्रतिसाद देते हुए कैबिनेट मंत्री मंगलप्रभात लोढ़ा ने गोरेगांव पूर्व स्थित आरे मिल्क कॉलोनी परिसर के खांबांचा पाड़ा में आदिवासी भाई-बहनों के साथ दिवाली मनाई। इस अवसर पर उन्होंने छोटे बच्चों को शैक्षणिक सामग्री, खिलौने, पटाखे, बिस्कुट और साइकिलें वितरित कर उनकी खुशियों में वृद्धि की।वनवासी कल्याण आश्रम, महाराष्ट्र और लोढ़ा फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में इस दिवाली मिलन कार्यक्रम का आयोजन किया गया था। आरे मिल्क कॉलोनी के यूनिट क्रमांक 25 स्थित खांबांचा पाड़ा में आयोजित इस कार्यक्रम में मंत्री लोढ़ा ने आदिवासी परिवारों के साथ संवाद किया और उनके साथ दिवाली की खुशियां मनाईं। इस पहल के अंतर्गत लोढ़ा फाउंडेशन के माध्यम से मरम्मत कर उपयोग के योग्य बनाई गई साइकिलें और खिलौने जरूरतमंद बच्चों को वितरित किए गए। साथ ही बच्चों को दिवाली का फराल...

शिवसेना प्रमुख के खिलाफ कोर्ट में केस करनेवाले मुन्ना त्रिपाठी का आकस्मिक निधन

Image
शिवसेना प्रमुख के खिलाफ कोर्ट में केस करनेवाले मुन्ना त्रिपाठी का आकस्मिक निधन  जौनपुर। उत्तर भारतीय समाज के अपमान को लेकर शिवसेना प्रमुख बालासाहेब ठाकरे के खिलाफ कोर्ट में केस करने वाले अखंड राष्ट्र अखबार के संपादक मंगलेश्वर त्रिपाठी उर्फ मुन्ना त्रिपाठी ( उम्र 49 वर्ष) का बीती रात हृदय गति रुकने से निधन हो गया। पिछले लोकसभा चुनाव में उन्होंने हिंदू महासभा की तरफ से जौनपुर लोकसभा के लिए नामांकन भी किया था। बाद में बीजेपी प्रत्याशी कृपाशंकर सिंह के अनुरोध पर नाम वापस ले लिया था। उनके आकस्मिक निधन की खबर मिलते ही शोक की लहर दौड़ गई। आज दोपहर में गोमती नदी किनारे स्थित इमिलिया घाट पर भाजपा जिला अध्यक्ष अजीत प्रजापति, ब्लॉक प्रमुख डॉ उमेश तिवारी, जिला पंचायत सदस्य शिव प्रताप सिंह उर्फ नाटे सिंह, भाजपा नेता श्रीकृष्ण पांडे, प्रधान संतलाल सोनी, पत्रकार शिवपूजन पांडे, पत्रकार प्रणय तिवारी, पत्रकार प्रमोद पांडे, समाजसेवी सुरेश तिवारी, पत्रकार संगम लाल पांडे, पत्रकार पब्बर दुबे, साधु तिवारी, पत्रकार श्रवण उपाध्याय, ठाकुर प्रसाद तिवारी, सुभाष मिश्रा समेत सैकड़ों लोगों की उपस्थित...

*परिवर्तन कल और आज...!*

Image
*परिवर्तन कल और आज...!* आजकल....अपने समाज में.... देखने को नहीं मिलती है... एक सिरे से.... सबको डाँटने वाली जमात... नहीं मिलती है.... हर किसी काम-काज में.... कुछ न कुछ टोकने वाली जमात.. पता नहीं ....शिक्षा का असर है... या फिर....बेरोजगारी का असर है  इस विकसित समाज में....अब... दिखती है बस एक नई जमात... जो उलझी हुई है.... खुद काँटों के ताज में.... अंतर नहीं मालूम है इनको.... कौआ - तोता - मैना.... चील और बाज़ में... रखना चाहते हैं ये.... अपना सब कुछ ही....! पिन और ओ टी पी के राज में... तमन्ना इस प्रकार की है इनकी... कि चुप करा देंगे दुनिया को.... अपनी ऊँची आवाज़ में... और क्या कहूँ इसके अलावा... क्या-क्या दिखता है.... इनके व्यवहार में....! कभी दिखते नहीं ये सभी... किसी भी लोक-लाज में.... खुश दिखाते हैं...खुद को... लोगों के सामने...हमेशा ही... चाहे कोढ़ में हों या हों खाज में.... अब कैसे कहूँ प्यारे....! जब कोई डाँटने वाला नहीं होगा घर-परिवार और समाज में.... सचमुच....तब ही विचार करेगी... यह युवा पीढ़ी.....नई पीढ़ी.... क्या परिवर्तन हुआ है...? कल और आज में.... क्या परिवर्तन ह...

दीपावली की पूर्व संध्या पर वीरभानपुर गांव में काव्य गोष्ठी का आयोजन

Image
दीपावली की पूर्व संध्या पर वीरभानपुर गांव में काव्य गोष्ठी का आयोजन जौनपुर। बदलापुर तहसील अंतर्गत स्थित वीरभानपुर गांव निवासी प्रोफेसर विजय नाथ मिश्र के आवास "केशव कुंज" पर दीपावली की पूर्व संध्या पर काव्य गोष्ठी का आयोजन किया गया। इस काव्य गोष्ठी में जनपद के अनेक वरिष्ठ कवि एवं साहित्यकार शामिल हुए। करीब 2 घंटे तक चली काव्य गोष्ठी में सभी ने अपनी अपनी रचनाएं प्रस्तुत की। डॉ कृपाशंकर मिश्र (नारीपुर , सुजानगंज ), डॉ प्रेम शंकर द्विवेदी (भास्कर ), शिवानन्द चौबे (प्राध्यापक गौरीशंकर संस्कृत महाविद्यालय सुजानगंज ),अमरनाथ सिंह (मोही )ऊंच गांव सुजानगंज, वरिष्ठ पत्रकार शिवपूजन पांडे तथा प्रोफेसर विजयनाथ मिश्र ने वीर,श्रृंगार और हास्य रस से जुड़ी कविताओं का वाचन किया। कविताओं के माध्यम से ही देशवासियों को दीपावली की शुभकामनाएं दी गई। प्रोफेसर विजय नाथ मिश्र मीरा भायंदर शहर में रहते हैं। कृष्णा क्लासेस का संचालक होने के साथ-साथ वे महर्षि दयानन्द महाविद्यालय में भैतिक विज्ञान के प्राध्यापक भी हैं।

" मन के दीप जलाओ "*-------डॉ. वेदपति मिश्र*

Image
" मन के दीप जलाओ " *-------डॉ. वेदपति मिश्र* दूर करो , प्रभु ! अंधियारा, मानव-जीवन , तम से हारा ।  रोजी से  रोटी    ग़ायब है,  सीपी से   मोती  सारा ॥ राम- महल में डाकू सक्रिय, आम-आदमी किसे  पुकारे ? हल्कू की है वही कहानी  ! आख़िर किसकी ओर निहारे ॥ पर्व-अर्थ क्या दीप जलाना ? या फिर भूंखा पाये खाना  ? माँ वसुधा  की व्यथा यही है- कृषकों को है लोन चुकाना ॥ आम-आदमी  या  संन्यासी , भजता रहता मथुरा , काशी । बाबा को    आती है ख़ासी , करें उँधारी,   लगती फाँसी॥ बेटी  घर में   हुई  सयानी , शादी की  है बात चलानी । कान  चबाती  दादी-नानी ! दीप जलेगा, क्या फिर पानी? दूल्हा है   बाज़ार  बिकाऊ , दाम करोड़ों, कहाँ से लाऊँ? दाँतों को यदि तोड़, बेंच दूँ  फिर मैं  कैसे पीऊँ - खाऊँ ? छोटू  की   तो शर्ट    फटी  है , कालिज-फी , भी नहीं पटी है । फिर कल कैसे मने दीवाली , सजे दीप-पूजन की  थाली ॥ सम्बन्धों  की...