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पर्यावरण संरक्षण के लिए मां के नाम एक पेड़ लगाए : डॉ अनील काशी मुरारका

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पर्यावरण संरक्षण के लिए मां के नाम एक पेड़ लगाए : डॉ अनील काशी मुरारका  मुंबई। एक पेड़ माँ के नाम' भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू किया गया एक भावनात्मक और पर्यावरण-अनुकूल अभियान है। इसके तहत लोग अपनी माँ के प्रति सम्मान और प्रेम जताने के लिए उनकी स्मृति या मां की याद में एक पेड़ लगाते हैं और प्रकृति के संरक्षण का संकल्प लेते हैं। एम्पल मिशन संस्था द्वारा पर्यावरण संरक्षण की दिशा में गोरेगांव ईस्ट शमशान भूमि के पास  एक ऐसे ही अनूठे कार्यक्रम का भव्य आयोजन डॉ अनील काशी मुरारका द्वारा एक पेड़ मां के नाम कार्यक्रम आयोजित किया गया। संस्था के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ अनील काशी मुरारका द्वारा पेड़ लगाकर पर्यावरण को स्वच्छ और खूबसूरत बनाने की एक अनोखी पहल की गई।  डॉ मुरारका के अनुसार बढ़ रही पर्यावरण चुनौती के बीच हमारी जिम्मेदारी और बढ़ जाती है। ग्लोबल वार्मिंग जैसी विकट परिस्थितियों का निर्माण हो रहा है। ऐसे में वृक्ष ही हमारे जीवन दाता बन सकते हैं। उन्होंने  कहा कि हर व्यक्ति को अपनी मां के नाम पर कम से कम एक पेड़ जरूर लगाना चाहिए , इससे मां, मातृभू...

पुरुषोत्तम मास में रामजी उपाध्याय के यहां श्री रामकथा का भव्य आयोजन

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पुरुषोत्तम मास में रामजी उपाध्याय के यहां श्री रामकथा का भव्य आयोजन जौनपुर । पुरुषोत्तम मास (अधिक मास) में राम कथा का श्रवण और पाठ अत्यंत पुण्यकारी और आध्यात्मिक रूप से उन्नत माना जाता है। यह मास भगवान विष्णु और श्रीकृष्ण को समर्पित है। राम कथा सुनने से साधक के पाप नष्ट होते हैं और उसे धर्म, सदाचार और मोक्ष की प्राप्ति होती है। जनपद के बदलापुर तहसील अंतर्गत स्थित महदा, बहरीपुर में समाजसेवी रामजी उपाध्याय के यहां 8 जून से 14 जून तक संगीतमय श्री रामकथा का भव्य आयोजन किया गया है। 15 जून को पूर्णाहुति और प्रीतिभोज के साथ कार्यक्रम संपन्न होगा। कथा का समय शाम 4 बजे से 7:30 बजे तक रखा गया है। पूर्वांचल के प्रख्यात कथावाचक धर्मराज तिवारी महाराज कथा व्यास के रूप में अपनी मधुर वाणी में कथा सुनाएंगे। रामजी उपाध्याय ने सभी भक्तजनों से कथा में उपस्थित रहकर श्रवण लाभ उठाने की अपील की है।

प्रिंसिपल महेश सिंह की सेवा संपूर्ति सम्मान समारोह में शामिल हुए गणमान्य

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प्रिंसिपल महेश सिंह की सेवा संपूर्ति सम्मान समारोह में शामिल हुए गणमान्य भायंदर । डिवाइन हम हिंदी हाई स्कूल एंड जूनियर कॉलेज, खारीगांव के प्रिंसिपल महेश रामचंद्र सिंह के सेवानिवृत होने पर पिछले दिनों कमलाकर पाटिल सभागृह में भव्य विदाई समारोह का आयोजन किया गया, जिसमें भारी संख्या में लोग उपस्थित रहे। 33 वर्ष 5 माह की अखंड सेवा करने वाले महेश सिंह जाने माने शिक्षक और लोकप्रिय प्रिंसिपल रहे। विदाई समारोह की अध्यक्षता आदर्श सेवा समिति के अध्यक्ष अशोक सिंह ने किया। प्रमुख अतिथि के रूप में महापौर डिंपल मेहता, रामसागर सिंह, राहुल एजुकेशन के सचिव राहुल लल्लन तिवारी, आमदार ज्ञानेश्वर म्हात्रे,आमदार निरंजन डावखरे , सभापति मदन सिंह, परिवहन समिति के सभापति एडवोकेट राजकुमार मिश्रा, डॉ धीरेंद्र प्रताप सिंह, बृजेश सिंह और विशिष्ट अतिथि के रूप में शिवसेना नेता विक्रम प्रताप सिंह, अवधेश नारायण सिंह , कौशलेंद्र सिंह प्रकाश सिंह, एडवोकेट राकेश कुमार सिंह ,मनोज सिंह, हेमंत सिंह  तथा विशेष आमंत्रित के रूप में किरण चौबे, पत्रकार राजेश उपाध्याय, पत्रकार देवेंद्र पोरवाल समेत अनेक ल...

श्री कृष्ण और रुक्मणी का विवाह सच्चे प्रेम ,भक्ति और समर्पण की विजय कहानी : अजय महाराज

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श्री कृष्ण और रुक्मणी का विवाह सच्चे प्रेम ,भक्ति और समर्पण की विजय कहानी : अजय महाराज  जौनपुर। भगवान श्रीकृष्ण का जीवन केवल धर्म स्थापना और युद्ध विजय तक सीमित नहीं था, बल्कि यह प्रेम, भक्ति और आध्यात्मिक चेतना से भी जुड़ा हुआ था। उनके जीवन की अनेक लीलाओं में से एक सबसे महत्वपूर्ण घटना थी रुक्मिणी विवाह। यह केवल एक राजकुमारी और एक राजकुमार का विवाह नहीं था, बल्कि यह सच्चे प्रेम, भक्ति और समर्पण की विजय की कहानी है। बदलापुर तहसील अंतर्गत स्थित सियरावासी गांव में आयोजित संगीतमय श्रीमद् भागवत कथा सप्ताह ज्ञान यज्ञ में छठे दिन व्यास पीठ से बोलते हुए काशी के प्रख्यात कथावाचक अजय महाराज गुरुजी ने रुक्मणी विवाह पर कथा सुनाते हुए उपरोक्त बातें कही। उन्होंने कहा कि रुक्मिणी ने भगवान श्रीकृष्ण को मन, वचन और कर्म से अपना पति मान लिया था, लेकिन उनके भाई रुक्मी ने उनके विवाह को रोकने के लिए हर संभव प्रयास किया। फिर भी, जब प्रेम सच्चा हो और भक्ति अडिग हो, तो स्वयं भगवान उसे सफल बनाते हैं। यही सिद्धांत इस कथा का मूल है। मंच पर श्री कृष्णा और रुक्मणी का विवाह कराया गया श्रद्धालु महिला...

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के हाथों सम्मानित किए गए लोकगायक सुरेश शुक्ल

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मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के हाथों सम्मानित किए गए लोकगायक सुरेश शुक्ल मुंबई। कहा जाता है कि कदम चूम लेती है खुद आकर मंजिल, मुसाफिर अगर अपनी हिम्मत न हारे। इस शेर को चरितार्थ किया है उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले के छोटे से गांव बिरैली से निकलकर मुंबई फिल्म नगरी में गायक एवं संगीतकार सुरेश शुक्ल ने। सुरेश शुक्ल ने अनेक फिल्मों, धारावाहिकों, एल्बमों एवं चैनलों में संगीत और अपनी आवाज़ का जादू बिखेरा है। आज मुंबई में उनका नाम संगीत जगत में एक अलग पहचान रखता है। संगीत के क्षेत्र में उनके विशिष्ट योगदान के लिए उन्हें मुंबई हिंदी पत्रकार संघ द्वारा आयोजित कार्यक्रम में महाराष्ट्र के सीएम  देवेन्द्र फडणवीस और उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री बृजेश पाठक के हाथों विशेष सम्मान से सम्मानित किया गया।  मुंबई हिंदी पत्रकार संघ के अध्यक्ष आदित्य दुबे, महासचिव विजय सिंह कौशिक , उपाध्यक्ष राजकुमार सिंह और कोषाध्यक्ष सुरेन्द्र मिश्र आदि का सुरेश शुक्ल ने धन्यवाद दिया। संगीत  के क्षेत्र में उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए दिया गया यह सम्मान उनके लंबे संघर्ष, समर्पण और उपलब्धियों का प...

डॉ.पटेल यांची झोनल अध्यक्षपदी निवड झाल्याबद्दल सत्कार संपन्न.

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डॉ.पटेल  यांची झोनल अध्यक्षपदी निवड झाल्याबद्दल सत्कार संपन्न. मुंबई: सांताक्रूज (पश्चिम) येथे बी.एस.एस. तर्फे डॉ.अमर बहादुर पटेल  यांची आँल  इंडिया ओ बी.सी. रेल्वे एम्प्लाँइज असोसिएशन, पश्चिम रेल्वे ,पश्चिम विभागाच्या विभागीय ( झोनल) अध्यक्षपदी निवड झाल्याबद्दल शाल, स्मृतिचिन्ह, भारतीय  संविधान आणि रोपटे देऊन सत्कार करण्यात आले.प्रस्ताविक शिक्षणतज्ज्ञ  चंद्रवीर बंशीधर यादव,संचालन गिरधारीलाल पंडित  आणि आभार रीतू कुमार यांनी केले.

सात्विक तिवारी के जन्मदिवस पर शुभकामना देने वालों का लगा तांता

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सात्विक तिवारी के जन्मदिवस पर शुभकामना देने वालों का लगा तांता जौनपुर, 6 जून 2026। पूर्व विधायक मड़ियाहूॅं डॉ. लीना तिवारी एवं मड़ियाहूं पीजी कॉलेज, मड़ियाहूं, जौनपुर के प्रबंधक पवन तिवारी के सुपुत्र एवं युवा समाजसेवी सात्विक तिवारी का जन्मदिवस शनिवार को हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर उनके शुभचिंतकों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, शिक्षाविदों एवं विभिन्न क्षेत्रों के गणमान्य व्यक्तियों ने उन्हें जन्मदिवस की हार्दिक शुभकामनाएं एवं बधाई प्रेषित की। इंजीनियर सात्विक तिवारी अपने सौम्य व्यक्तित्व, सरल स्वभाव एवं सामाजिक सरोकारों के प्रति संवेदनशील दृष्टिकोण के लिए जाने जाते हैं। युवाओं के बीच उनकी सकारात्मक सोच, विनम्र व्यवहार तथा समाजहित के प्रति समर्पित भावना उन्हें एक विशिष्ट पहचान प्रदान करती है। सामाजिक एवं मानवीय मूल्यों के प्रति उनकी प्रतिबद्धता की सराहना विभिन्न मंचों पर की जाती रही है। जन्मदिवस के अवसर पर शुभेच्छुओं ने उनके उत्तम स्वास्थ्य, दीर्घायु, यशस्वी जीवन एवं उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए कहा कि सात्विक तिवारी अपनी ऊर्जा, प्रतिभा एवं सामाजिक प्रतिबद्धता के बल...