सुमति श्रीवास्तव के द्वितीय संस्करण आखिर क्यूँ का हुआ विमोचन
सुमति श्रीवास्तव के द्वितीय संस्करण आखिर क्यूँ का हुआ विमोचन जौनपुर जनपद की साहित्यकार सुमति श्रीवास्तव के द्वितीय संस्करण "आखिर क्यों " का विमोचन रविवार 5 अप्रैल 2026 को जनक कुमारी इंटर कॉलेज के प्रांगण में हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन तथा सरस्वती वंदना के साथ हुआ।अतिथियों का स्वागत माल्यार्पण मोमेंटो और अंगवस्त्र देकर किया गया।प्रयागराज से आए कवि अमित आनंद ने "मां-बाप से ज्यादा कोई अपना नहीं होता "रचना पढ़कर आगाज किया।भदोही के रचनाकार संदीप बालाजी ने श्रीमती सुमति श्रीवास्तव को इन पंक्तियों से सम्मानित किया धवलधार लेखनी को गति दी है शारदा ,आखिर क्यों में ही निराकरण है आखिरी क्यों का ,सुमति को तो सही सहज ही सुमति दी है शारदा।" अजय विश्वकर्मा शान ने" उसे तो चलना था दरियाब की रवानी सा, सिमट के रह गया एक बूंद पानी सा।" सीतापुर के सिद्धांत अवस्थी ने "हे ईश्वर मुझको तुझसे यह वरदान जरूरी है इंसान की पीर समझ जाए वह इंसान जरूरी है ।"रचना पढी। इसकी अतिरिक्त राजेश पांडे, संजय सागर ,सुशील दुबे ,गिरीश श्रीवास्तव गिरीश,नरेंद्र ब...