रामनवमी पर तुलसेतपाढ़ा में विशेष कार्यक्रम आयोजित
रामनवमी पर तुलसेतपाढ़ा में विशेष कार्यक्रम आयोजित मुंबई। भांडुप स्थित सरस्वती हाई स्कूल तुलशेटपाड़ा में रामनवमी पर्व के उपलक्ष्य में भगवान श्रीराम के आदर्श स्वरूप पर कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रुप में संयुक्त शिक्षक संघ, अखिल भारतीय नई दिल्ली के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं केन्द्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय नासिक परिसर, राजनीति विज्ञान के प्राध्यापक डॉ रंजय कुमार सिंह ने कहा कि सृष्टि की संरचना को आत्मसात करने वाला सत्य सनातन हिन्दू एक जीवनोपयोगी धर्म है। इस धर्म की अनादि परम्परा में भगवान श्रीराम का चरित्र केवल एक कथा या धार्मिक आस्था का विषय नहीं है, बल्कि यह मानव जीवन के सर्वोच्च आदर्श का जीवंत उदाहरण है। श्रीराम को "मर्यादा पुरुषोत्तम" कहा गया है, जिसका अर्थ है वह पुरुष जिसने जीवन की प्रत्येक मर्यादा का पूर्ण और सर्वोत्तम पालन किया। उनका जीवन इस सत्य स्वरूप को स्थापित करता है कि मनुष्य यदि धर्म, सत्य और कर्तव्य के मार्ग पर अडिग रहे, तो वह स्वयं को उच्चतर स्तर प्राप्त कर सकता है। शास्त्र की दृष्टि से वाल्मिकी रामायण, रामचरित मानस और पुराणों...