प्रवासियों के अधिकारों और सम्मान के लिए प्रवासी फाउंडेशन का अभियान
प्रवासियों के अधिकारों और सम्मान के लिए प्रवासी फाउंडेशन का अभियान जौनपुर। सदियों से पलायन का दंश झेल रहे पूर्वांचल को इस कलंक से मुक्ति दिलाने के लिए मुंबई के प्रवासियों ने एक अभियान शुरू किया है, जिसका सूत्रपात आगामी 6 मई को मुंगरा बादशाहपुर में प्रवासी सम्मेलन के ज़रिए किया जायेगा। कुछ हालिया घटनाओं पर गौर किया जाये, तो पूर्वांचल एक बड़ी समस्या से घिरता जा रहा है। आपको सैकड़ों ऐसे लोग मिल जायेंगे, अपनी पैतृक जमीन बेंच कर मुंबई जैसे महानगरों में या तो फ्लैट ख़रीद रहे हैं, या तो कुछ कारोबार शुरू कर रहे हैं। यह सिलसिला पिछले कुछ सालों से शुरू हुआ है और लगातार बढ़ता ही जा रहा है। पूर्वांचल से मुंबई जाने वाली गाड़ियां ठसाठस भरी जा रही हैं, जबकि वहाँ के भूमिपुत्रों द्वारा हमारे लोगों को किस तरह से अपमानित व प्रताड़ित किया जा रहा है, यह जग जाहिर है। मुंबई और महाराष्ट्र में पूर्वांचल के लोग इतनी तादात में हो गए हैं कि वहाँ की सरकार को प्रभावित कर सकते हैं, लेकिन जातियों और गुटों में बिखरे प्रवासी अपनी कोई ख़ास पहचान नहीं बना पाए। मुंबई ही नहीं, देश के जिस भी महानगर में पूर्...