*पंचामृत योजना* *----- डॉ० त्रिलोक चंद फतेहपुरी
*पंचामृत योजना* *----- डॉ० त्रिलोक चंद फतेहपुरी पंचामृत का नाम सुनते ही पांँच अमृत तुल्य द्रव्य -दूध , दही , घी , शहद , शर्करा को मिलाकर बनाए जाने वाले पवित्र पेय जिसका उपयोग धार्मिक , सामाजिक अनुष्ठान पूजा-पाठ , हवन आदि में प्रसाद के रूप में किया जाता रहा है । यह सेहत के लिए एक प्राकृतिक टॉनिक है । यह रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता है जिससे हम बीमारियों से बचे रहते हैं। यह पाचन तंत्र के लिए बहुत ही उपयोगी है। यह त्वचा में निखार लाता है , याददाश्त बढ़ाता है और शरीर को ऊर्जा प्रदान कर थकान मिटाता है। इसके सेवन से पेट की आंते स्वस्थ रहती हैं , हड्डियां मजबूत होती हैं , मानसिक तनाव दूर होता है । इसका नियमित सेवन भी किया जा सकता है । लेकिन प्रायः किसी धार्मिक , आध्यात्मिक अनुष्ठान में ही इसे तैयार और सेवन किया जाता रहा है । यह मन व शरीर दोनों को स्वस्थ व प्रसन्न रखता है । लेकिन इसके अतिरिक्त चार वर्ष पूर्व एक और पंचामृत उत्तर प्रदेश सरकार ने गन्ना किसानों के लिए भी *पंचामृत योजना* रूप में लाग...