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गुढीपाडवा आणि चैत्रगौरी : परंपरा श्रद्धा आणि माहेरपणाचा सण

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गुढीपाडवा आणि चैत्रगौरी : परंपरा श्रद्धा आणि माहेरपणाचा सण   चैत्र शुद्ध प्रतिपदेपासून मराठी नववर्षाची सुरुवात होते आणि गुढीपाडव्याच्या मंगल पर्वाने घराघरांत उत्साह, आनंद आणि नवचैतन्याचे वातावरण निर्माण होते. गुढीपाडवा हा केवळ नववर्षाचा प्रारंभ नसून विजय, यश, समृद्धी आणि स्वाभिमानाचे प्रतीक मानला जातो. पुराणांनुसार ब्रह्मदेवांनी सृष्टीची निर्मिती याच दिवशी सुरू केली, तर इतिहासात छत्रपती शिवाजी महाराजांच्या स्वराज्यस्थापनेच्या विजयाशीही या दिवसाची सांगड घातली जाते. म्हणूनच घरावर उभारली जाणारी गुढी ही विजय आणि अभिमानाचे प्रतीक मानली जाते. गुढीपाडव्याबरोबरच चैत्र महिन्यात चैत्रगौरी पूजनालाही विशेष महत्त्व आहे. चैत्र मासातील शुक्ल पक्षातील तृतीयेला गौरीची स्थापना केली जाते. या दिवशी गौरी माहेरी येते, अशी सुंदर समजूत आहे. म्हणूनच हा सोहळा केवळ धार्मिक विधी नसून मुलगी माहेरी येण्याचा जिव्हाळा, माया आणि आपुलकी जपणारा सण आहे. चैत्रगौरीची स्थापना लहानशा पाळण्यात किंवा सुंदर मांडवात केली जाते. तिच्याभोवती फळे, फराळ, गोडधोड, खिरापत आणि विविध नैवेद्य मांडले जातात. घर सजवले जाते, रा...

गुड़ीपाड़वा और चैत्रगौरी: परंपरा,आस्था और ज्ञान का त्योहार

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गुड़ीपाड़वा और चैत्रगौरी: परंपरा,आस्था और ज्ञान का त्योहार   मराठी नव वर्ष की शुरुआत चैत्र शुद्ध प्रतिपदा से होती है और गुढ़ीपाड़वा का शुभ त्योहार घरों में उत्साह,खुशी और नएपन का माहौल बनाता है।गुड़ीपाड़वा न केवल नए साल की शुरुआत है बल्कि इसे विजय,सफलता, समृद्धि और स्वाभिमान का प्रतीक भी माना जाता है।पुराणों के अनुसार,भगवान ब्रह्मा ने इसी दिन सृष्टि की रचना शुरू की थी, वहीं इतिहास में इस दिन को छत्रपति शिवाजी महाराज की स्वराज्य स्थापना में विजय से भी जोड़ा जाता है।इसीलिए घर पर बनी गुढ़ी को विजय और गौरव का प्रतीक माना जाता है।गुड़ी पाड़वा के साथ-साथ चैत्र माह में चैत्रगौरी पूजा का भी विशेष महत्व है। गौरी की स्थापना चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को की जाती है।ऐसी मान्यता है कि इस दिन गौरी नैहर आती हैं। इसीलिए यह समारोह न केवल एक धार्मिक अनुष्ठान है, बल्कि एक लड़की की घर वापसी की आत्मीयता, प्रेम और स्नेह का उत्सव भी है। चैत्रगौरी को एक छोटे पालने या सुंदर मांडव में स्थापित किया जाता है। उसके चारों ओर फल, नमकीन,मिठाइयाँ,खिरापट और विभिन्न प्रसाद रखे जाते हैं। घर को ...

जौनपुर के ग्रामीण अंचल में किरण तिवारी की दो पुस्तकों का लोकार्पण

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जौनपुर के ग्रामीण अंचल में किरण तिवारी की दो पुस्तकों का लोकार्पण जौनपुर। पुस्तकें ज्ञान का अक्षय भंडार और मनुष्य की सबसे अच्छी मित्र होती हैं, जो हमें जीवन भर मार्गदर्शन, शिक्षा और मानसिक सुकून प्रदान करती हैं। ये हमारे व्यक्तित्व को निखारती हैं, रचनात्मकता बढ़ाती हैं, तनाव कम करती हैं और इतिहास व संस्कृतियों से परिचित कराती हैं। पुस्तकें सही-गलत का अंतर सिखाकर हमें बेहतर इंसान और जिम्मेदार नागरिक बनने में मदद करती हैं। जनपद के सिकरारा थाना अंतर्गत स्थित सतलपुर गांव में शैल साहित्यिक सांस्कृतिक संस्था द्वारा आयोजित पुस्तक लोकार्पण समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में बोलते हुए उत्तर प्रदेश विधान परिषद सदस्य बृजेश सिंह प्रिंसू ने उपरोक्त बातें कही। कार्यक्रम में देश की प्रख्यात साहित्यकार और लेखिका किरण तिवारी की दो पुस्तकों अंतर्द्वंद्व एवं काव्यकिरण का लोकार्पण किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रधानाचार्य सुधाकर उपाध्याय ने किया। ब्लॉक प्रमुख सिकरारा संजय सिंह, प्राथमिक शिक्षक संघ के जिला अध्यक्ष अमित सिंह तथा डॉ संतोष सिंह विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। सम्मानित अति...

महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश के बीच सनातन संस्कृति का सेतु – आचार्य पवन त्रिपाठीसद्भाव सहयोग संस्था ने किया प्रमोद मिश्रा का सम्मान

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महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश के बीच सनातन संस्कृति का सेतु – आचार्य पवन त्रिपाठी सद्भाव सहयोग संस्था ने किया प्रमोद मिश्रा का सम्मान मुंबई। महाराष्ट्र और यूपी की संस्कृति एक है, वह है सनातन संस्कृति, जो दोनों प्रदेशों को जोड़ने का काम करती है। श्री सिद्धिविनायक मंदिर ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष और मुंबई भाजपा के महामंत्री आचार्य पवन त्रिपाठी ने सद्भाव-सहयोग संस्था की ओर से भाजपा उत्तर भारतीय मोर्चा के नवनियुक्त अध्यक्ष प्रमोद मिश्रा के भव्य सत्कार समारोह में यह भावना व्यक्त की। इस दौरान भारी संख्या में उत्तर भारतीय समाज के लोग उपस्थित थे। आचार्य पवन त्रिपाठी ने महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश का सांस्कृतिक और सनातन का नाता जोड़ते हुए कहा कि  उत्तर प्रदेश में हम काशी विश्वनाथ मंदिर में पूजा अर्चना करते हैं और जब मुंबई में आते हैं, तो बाबुलनाथ में जलाभिषेक और पूजा करते हैं। वहीं, उत्तर प्रदेश में मां गंगा हैं, तो महाराष्ट्र में मां गोदावरी है। यूपी में मां विध्यवासिनी की पूजा करते हैं, तो मुंबई में मुंबादेवी और महालक्ष्मी की पूजा करते हैं। वहीं, सिद्धिविनायक विश्व का सबसे प्रसिद्ध गणेश...

*पंडित अवसरवादी**------ पंडित जमदग्निपुरी*

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*पंडित अवसरवादी* *------ पंडित जमदग्निपुरी*     यूपी दरोगा भर्ती में एक प्रश्न पूंछा गया है। अवसरवादी का पर्याय। उसमें चार उत्तर है।जिसमें बच्चों को एक पर सही का निशान लगाना है।पहला है पंडित दूसरा है अवसरवादी।तीसरा निष्कपट।चौथा है सदाचारी। प्रश्न ही इतना दुष्टतापूर्ण है जिससे ब्राह्मण बिलबिला जाये। यह अपराध अक्षम्य है। सरकार अपराधी को सिर्फ चेतावनी दी है।यदि यही किसी और जाति के लिए पूंछा गया होता तो अबतक बवाल हो जाता।पर्चा बनाने वाला गुनहगार है।उसपर रासुका लगना चाहिए। लेकिन सिर्फ चेतावनी मतलब यहां भी आरक्षण। सवर्ण करें तो गलती पिछड़े दलित करें तो भूल।गजब का खेल हो रहा है। मैं मान लिया सरकार ने नहीं ब्यूरोक्रेसी ने किया।तो ब्यूरोक्रेसी किसके अधीन है। संज्ञान में आने बाद उस टीम के ऊपर कठोरतम कार्यवाही नहीं हुई।इससे सरकार की मंशा हम सवर्ण समाज के प्रति साफ झलकती है। हमलोग अब सिर्फ वोट बैंक बनकर रह गये हैं।मान सम्मान सरकार सब छीन रही है। सवर्ण आज भारत में तीसरे स्थान का नागरिक रह गया है। पहले पर मुसलमान दूसरे पर दलित पिछड़े तीसरे पर हम हैं। मुसलमान यहां गाजा ईरान के लि...

सामूहिक विवाह कार्यक्रम में पहुंचा पूर्व मंत्री जगदीश सोनकर का परिवार, वर वधू को दिया आशीर्वाद

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सामूहिक विवाह कार्यक्रम में पहुंचा पूर्व मंत्री जगदीश सोनकर का परिवार, वर वधू को दिया आशीर्वाद जौनपुर। पूर्वांचल का प्रसिद्ध शक्तिपीठ मां शीतला चौकियां धाम के पास स्थित मैदान में रविवार को माँ चौकियां सेवा जनकल्याण ट्रस्ट के बैनर तले भव्य सामूहिक विवाह कार्यक्रम का आयोजन किया गया। रविवार की सुबह साढ़े 11 बजे से शुरू हुए इस समारोह में कुल 18 नवदंपति जोड़ों ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच एक-दूसरे के साथ वरमाला डालकर सात फेरे लिए और दाम्पत्य जीवन की शुरुआत की। इस अवसर पर माँ चौकियां जनकल्याण सेवा ट्रस्ट की ओर से नवविवाहित जोड़ों को गृहस्थी के उपयोग में आने वाले तमाम उपहार भेंट किए गए।  उक्त कार्यक्रम में पहुंचे पूर्व मंत्री जगदीश सोनकर के बेटे मयंक सोनकर और बहू पारिजात सोनकर ने वर वधू को आशीर्वाद दिया। मयंक सोनकर ने कहाकी सामूहिक विवाह केवल एक आयोजन नहीं है, बल्कि यह हमारे समाज की बदलती सोच और प्रगतिशीलता का प्रतीक है। आज का दिन आप सभी के लिए एक नई शुरुआत का प्रतीक है। विवाह केवल दो व्यक्तियों का मिलन नहीं है, बल्कि दो परिवारों, दो संस्कृतियों और दो आत्माओं का संगम है। प्यार क...

केंद्र सरकार द्वारा एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में की गई अन्यायपूर्ण बढ़ोतरी : राकेश शेट्टी

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केंद्र सरकार द्वारा एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में की गई अन्यायपूर्ण बढ़ोतरी : राकेश शेट्टी   मुंबई। मुंबई के मुलुंड पश्चिम रेलवे स्टेशन परिसर में घरेलू और व्यावसायिक एलपीजी सिलेंडर की बढ़ती कीमतों और सरकार की फेल विदेशी नीतियों के विरोध में कांग्रेस कार्यकर्ताओं द्वारा धरना-प्रदर्शन किया गया। इस दौरान कांग्रेस प्रवक्ता राकेश शेट्टी सहित सब केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए गैस सिलेंडर की बढ़ी कीमतों को तुरंत वापस लेने की मांग की गई। धरने में वक्ताओं ने कहा कि एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में लगातार हो रही बढ़ोतरी से मध्यमवर्गीय और सामान्य परिवारों का घरेलू बजट पूरी तरह बिगड़ गया है। वहीं व्यावसायिक सिलेंडर महंगे होने से होटल, उपहारगृह और खाद्य पदार्थ विक्रेताओं पर आर्थिक बोझ बढ़ गया है, जिसका सीधा असर आम जनता पर पड़ रहा है। इस अवसर पर नगरसेविका आशा सुरेश कोपरकर, उत्तम गीते, राजेश इंगले सहित कई कांग्रेस कार्यकर्ता और स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे। कांग्रेस नेता राकेश शंकर शेट्टी ने कहा, “केंद्र सरकार द्वारा एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में की गई अन्यायपूर्ण बढ...