Posts

अंडमान निकोबार द्वीप में ‘जीवनधारा नमामि गंगे’ छत्तीसगढ़ का प्रतिनिधित्व किया डॉ. राम रतन श्रीवास "राधे राधे"

Image
अंडमान निकोबार द्वीप में ‘जीवनधारा नमामि गंगे’ छत्तीसगढ़ का प्रतिनिधित्व किया डॉ. राम रतन श्रीवास "राधे राधे"                                                (सिलवासा)‘ जीवनधारा नमामि गंगे’ के तत्वावधान में पर्यावरण संरक्षण एवं जनजागरूकता अभियान के अंतर्गत दादरा एवं नगर हवेली की राजधानी सिलवासा में 20 अगस्त 2026 डॉ. मीना सुरेश जैन ‘सुमिता’ के निवास ‘तरंग बंगला’ में पर्यावरण, जल संरक्षण, वायु संरक्षण एवं स्वच्छता विषयों पर एक भव्य बैठक आयोजित की गई। बैठक में अंडमान-निकोबार द्वीप समूह तथा दादरा एवं नगर हवेली से जुड़े सामाजिक एवं पर्यावरणीय सरोकारों पर व्यापक एवं सार्थक विमर्श हुआ। कार्यक्रम के प्रथम सत्र में जल संरक्षण, वायु संरक्षण, पर्यावरण संवर्धन, स्वच्छता तथा जन-जागरूकता को प्रभावी बनाने और सामाजिक सहभागिता को मजबूत करने पर विचार-विमर्श किया गया। इस अवसर पर डॉ. हरिओम शर्मा (राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं महानिदेशक), रंग कांबले (अध्यक्ष, अंतर्राष्ट्रीय संस्थागत सम...

तुलसी जयंती पर श्रीराम औद्योगिक अनाथालय में गूंजी कुसुम वर्मा की अवधी कजरी

Image
तुलसी जयंती पर श्रीराम औद्योगिक अनाथालय में गूंजी कुसुम वर्मा की अवधी कजरी लखनऊ। गोस्वामी तुलसीदास की जयंती के अवसर पर भारतीय अवधी समाज की ओर से श्रीराम औद्योगिक अनाथालय, अलीगंज में अवधी पारंपरिक गीत एवं कजरी गायन का विशेष सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य बच्चों को अवधी लोकसंस्कृति, लोकगीतों एवं अपनी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत से परिचित कराना रहा। कार्यक्रम में सुप्रसिद्ध लोकगायिका कुसुम वर्मा ने अपनी मधुर आवाज में अवधी के पारंपरिक लोकगीत एवं कजरी गीत प्रस्तुत किए। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि लल्लन सिंह से.नि.आईपीएस एवं पूर्व उपमहानिरीक्षक रहे। उन्होंने लोकभाषा और लोकसंस्कृति के संरक्षण तथा नई पीढ़ी तक भारतीय सांस्कृतिक परंपराओं को पहुंचाने के ऐसे आयोजनों की सराहना की। लोकगायिका कुसुम वर्मा ने तुलसीदास रचित लोकगीत "कहां के पथिक कहां कीन्हो है गमनवा , अरे रामा रिमझिम से बरसे पनिया चली तो आवो जनिया रे हारी, कइसे खेलन जइबू सावन, हिंडोला कुंजबन डारो री झूलन आई राधिका प्यारी , रुचि-रुचि पीसे मेंहदिया ...जैसे लोकगीतों की झड़ी लगा दी । इस अवसर पर ओम प्रक...

मेघदूत साहित्यिक संस्था' का चतुर्थ वार्षिकोत्सव 'मेघ मल्हार' धूमधाम से संपन्न

Image
मेघदूत साहित्यिक संस्था' का चतुर्थ वार्षिकोत्सव 'मेघ मल्हार' धूमधाम से संपन्न  कुरुक्षेत्र मेघदूत साहित्यिक संस्था का चतुर्थ वार्षिकोत्सव 'मेघ मल्हार' रविवार को पंचायत भवन कुरुक्षेत्र में अत्यंत गरिमामय वातावरण में आयोजित किया गया जहां काव्य कुरुक्षेत्र प्रतियोगिता का भी आयोजन हुआ।साहित्यिक महाकुंभ में देश भर के 21 प्रदेशों से आए साहित्यकारों ने भाग लिया।कार्यक्रम का शुभारंभ माँ सरस्वती की वंदना के साथ पुष्पाजंली व दीप प्रज्ज्वलन से किया गया।तत्पश्चात् संस्था के अध्यक्ष डाॅ रमेश चन्द्र विनोदी एवं प्रभारी अरुण कुमार अरुण ने स्वागत उद्बोधन में 'मेघदूत' की चार वर्षों की सफल साहित्यिक यात्रा का ब्योरा प्रस्तुत किया।गुरु पद पर आसीन संस्था की वार्षिक प्रतियोगिता के निर्णायक मंडल में अमरनाथ अग्रवाल, कवि राजेश्वर वशिष्ठ, अमिता अग्रवाल, डाॅ करुणा अथैया किरण, महेश शर्मा, अबरार अंसारी, दिव्या शर्मा, महेश बिसोरिया और संजीव शुक्ल सचिन, राधा अय्यर कस्तूरी, शिखा बाहेती अमृत, डाॅ प्रिया अवस्थी शर्मा और सुनीता कोगटा जागेटिया को व्यास शिखर सम्मान से सु...

*प्रेम को प्रेम ही रहने दें* –डॉ मंजू मंगल प्रभात लोढ़ा, वरिष्ठ साहित्यकार

Image
*प्रेम को प्रेम ही रहने दें*  –डॉ मंजू मंगल प्रभात लोढ़ा, वरिष्ठ साहित्यकार जहाँ एक मंगेतर अपने होने वाले पति को रास्ते से हटाने के लिए अपने प्रेमी के साथ मिलकर उसकी हत्या कर देती है। कहीं एक पत्नी अपने पति को प्रेमी के साथ मिलकर मौत के घाट उतार देती है और कहीं एक पति अपनी प्रेमिका को पाने के लिए अपनी ही पत्नी की हत्या कर देता है। कोई प्रेम का प्रस्ताव ठुकरा दे तो उसके चेहरे पर तेज़ाब फेंक दिया जाता है। क्या  इसे प्रेम कहें? नहीं… यह प्रेम नहीं है। यहाँ प्रेम नहीं, सिर्फ़ पाना है। यहाँ त्याग नहीं, सिर्फ़ अधिकार है। यहाँ समर्पण नहीं, सिर्फ़ ज़िद है। यहाँ स्वीकार नहीं, जबरदस्ती है। आज जब प्रेम की ये भयावह तस्वीरें सामने आती हैं, तो मन अनायास उस दौर को याद करता है जब प्रेम शायद इतना आसान नहीं था, लेकिन उसमें एक अलग ही मिठास थी। एक समय था जब Mills & Boon के उपन्यास प्रेम की दुनिया की खिड़की हुआ करते थे। लोग उनकी प्रेम कहानियाँ पढ़ते थे, पात्रों के साथ हँसते थे, उनके बिछोह में उदास होते थे और उनके मिलन की प्रतीक्षा करते थे। वह भले ही कल्पना की दुनिया थी, लेकिन उस कल...

*शालार्थ प्रणालीमध्ये ई-केवायसी पूर्ण करण्यास एका महिन्याची मुदतवाढ**शिक्षक भारती संघटनेचा यशस्वी पाठपुरावा*

Image
*शालार्थ प्रणालीमध्ये ई-केवायसी पूर्ण करण्यास एका महिन्याची मुदतवाढ* *शिक्षक भारती संघटनेचा यशस्वी पाठपुरावा*  राज्यातील सर्व खाजगी अनुदानित, अंशतः अनुदानित प्राथमिक, माध्यमिक, उच्च माध्यमिक शाळा व कनिष्ठ महाविद्यालयातील शिक्षकांना माहे ऑगस्ट 2026 देय सप्टेंबर 2026 च्या वेतन देयकापूर्वी शाळार्थ प्रणालीमध्ये ई-केवायसी पूर्ण करण्याचे निर्देश शिक्षण संचालक डॉ महेश पालकर यांनी दिले होते. विहित मुदतीत ई-केवायसी पूर्ण न करणाऱ्या कर्मचाऱ्यांचे वेतन आहरित करण्यात येणार नसल्याचे नमूद करण्यात आले आहे. ई केवायसी पूर्ण करण्यासाठी विलंब होत असल्याने दोन महिने मुदतवाढ देण्यात यावी अशी मागणी शिक्षक भारती संघटनेचे कार्याध्यक्ष सुभाष सावित्री किसन मोरे यांनी शिक्षण आयुक्त आणि शिक्षण संचालक यांना पत्राद्वारे केली होती. त्यानुसार ई केवासी साठी एका महिन्याची मुदतवाढ देण्यात आली आहे अशी माहिती सुभाष मोरे यांनी दिली आहे. प्रत्यक्षात दि. 27 मार्च 2026 रोजीच्या वित्त विभागाच्या शासन निर्णयानुसार बहुतांश शिक्षकांची बँकेत ई-केवायसी पूर्ण झालेली आहे. मात्र अनेक महिला शिक्षकांच्या नियुक्त्या शैक्ष...

तुलसी जयंती सम्पन्न

Image
तुलसी जयंती सम्पन्न  श्री नरसिंह के दुबे चैरिटेबल ट्रस्ट एवं अखिल ब्रह्मविज्ञान संस्थान मुंबई के संयुक्‍त तत्त्वावधान में  डाॅ श्रीभगवान तिवारी के मार्गदर्शन में श्रावण शुक्ल सप्तमी, तुलसी जयंती उत्सव दुबे मेडिकल कॉलेज, नालासोपारा के सभागार में आयोजित हुआ। समारोह की अध्यक्षता भाजपा नेता अमित ओमप्रकाश दुबे ने की। स्वागताध्यक्ष मेडिकल कॉलेज के डायरेक्टर डॉ.ओमप्रकाश दुबे एवं अमित बाबू ने अतिथियों का सम्मान किया। संस्था के अध्यक्ष आचार्य रामव्यास उपाध्याय ने अध्यक्षता कर रहे अमित बाबू का शाल एवं पुष्पस्तबक से सम्मान किया एवं सरस्वती वंदना प्रस्तुत की। अतिथियों ने माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन के साथ समारोह का उद्घाटन किया। आचार्य महेंद्र मिश्र एवं अजय मिश्र ने वेदमंत्रोच्चार से समा बाँध दी।  संस्था के सदस्य मिडिया प्रभारी प्रभाशंकर शुक्‍ल ने तुलसी दास का रोचक परिचय दिया एवं प्रारंभ से अंत तक कार्यक्रम को सफल बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। प्रमुख अतिथि महाराष्ट्र राज्य हिंदी साहित्य अकादमी के पूर्व कार्याध्यक्ष डाॅ शीतलाप्रसाद दुबे ने अपने अद्भुत वक्तव्य में बाल- ...

श्री आप्पासाहेब बागल सर यांचा त्यांची जन्मभूमी लेंगरे गावात शिक्षण घेतलेल्या विद्या मंदिर दहावी बारावीच्या गुणवंत विद्यार्थ्यांच्या सत्कार सोहळ्यास प्रमुख पाहुणे म्हणून सन्मान करण्यात आला.

Image
श्री आप्पासाहेब बागल सर यांचा त्यांची जन्मभूमी लेंगरे गावात शिक्षण घेतलेल्या विद्या  मंदिर दहावी बारावीच्या गुणवंत विद्यार्थ्यांच्या सत्कार सोहळ्यास प्रमुख पाहुणे म्हणून सन्मान करण्यात आला. लेंगरे : लेंगरे येथील शेठ चतुरलाल गणपतचंद शहा विद्यामंदिर, लोंगरे या विद्यालयात इयत्ता दहावी व बारावीच्या गुणवंत विद्यार्थ्यांचा सत्कार सोहळा उत्साहात संपन्न झाला. या कार्यक्रमासाठी प्राध्यापक आप्पासाहेब बागल सर यांना प्रमुख पाहूणे म्हणून निमंत्रित करण्यात आले होते.ज्या विद्यालयात प्राध्यापक  आप्पासाहेब बागल सर यांनी आपले माध्यमिक शिक्षण पूर्ण केले, त्याच विद्यालयाने गुणवंत विद्यार्थ्याच्या सत्कार सोहळ्यासाठी त्यांना प्रमुख पाहुणे म्हणून निमंत्रित करून सन्मानित केल्याने हा क्षण त्यांच्या जीवनातील अत्यंत आनंददायी आणि अविस्मरणीय ठरला. विद्यार्थ्याच्या गुणवत्तेचा गौरव करताना आपल्या माजी विद्यालयात प्रमुख पाहुणे म्हणून उपस्थित राहण्याचा मान मिळणे ही त्यांच्या शैक्षणिक प्रवासातील विशेष अभिमानाची बाब ठरली. साखराळे येथील वारकरी सांप्रदायाच्या विद्यमाने राष्ट्रवादी काँग्रेस ...