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मीरा भायंदर के आम मरीजों के लिए वरदान बना मानस हॉस्पिटल

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मीरा भायंदर के आम मरीजों के लिए वरदान बना मानस हॉस्पिटल भायंदर । बदलते परिवेश में जहां अस्पतालों पर इलाज के नाम पर मरीजों से मनमानी बिल वसूलने की बात कहीं जा रही है, वहीं मीरा भायंदर के इंद्रलोक फेस 3 में बालासाहेब ठाकरे मैदान के ठीक सामने स्थित मानस हॉस्पिटल आम मरीजों के लिए वरदान साबित हो रहा है। अस्पताल के सीईओ संदीप तिवारी ने सेवा की भावना के साथ इस अस्पताल का संचालन शुरू किया है। पहले यह अस्पताल ऑरेंज हॉस्पिटल के नाम से जाना जाता था। वरिष्ठ पत्रकार शिवपूजन पांडे ने अस्पताल का निरीक्षण किया तो उन्होंने पाया कि यह हॉस्पिटल वास्तव में मानव सेवा के संकल्प को साकार कर रहा है। 32 बेड वाले अस्पताल में आईसीयू समेत हर प्रकार की सुविधाएं तथा हर प्रकार के मरीजों के इलाज की सुविधा है। यह सभी कंपनियों के मेडिक्लेम को स्वीकार कर कैशलेस उपचार (GIC) की सुविधा है। अस्पताल की सबसे बड़ी खासियत है कि यहां ओपीडी पूरी तरह से फ्री है। किसी भी मरीज को डॉक्टर को दिखाने के लिए किसी भी प्रकार की फीस नहीं देनी पड़ती है।  हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ राजू पाटिल तथा चेस्ट रोग विशेषज्ञ डॉ स...

लोकप्रिय शिक्षाविद् दिवाकर तिवारी के सुपुत्र का पाणि ग्रहण संस्कार संपन्न

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लोकप्रिय शिक्षाविद्  दिवाकर  तिवारी के सुपुत्र का पाणि ग्रहण संस्कार संपन्न नवी मुंबई: सानपाडा के चंदन बँक्वेट हॉल में भांडुप के लोकप्रिय शिक्षाविद् दिवाकर तिवारी एवं विजया तिवारी के बड़े सुपुत्र विवेक का पाणि ग्रहण संस्कार प्रदीप कुमार दुबे  एवं लता दुबे की सुपुत्री रोशनी से एक हजार गणमान्य लोगों की उपस्थिति में विवेक के बड़े पिताजी वरिष्ठ शिक्षाविद् पूर्व प्रधानाचार्य विश्वनाथ तिवारी के मार्ग दर्शन में देश विदेश से विशेषकर श्रीलंका, डेनमार्क और जर्मनी से आये हुए लोगों के बीच संपन्न हुआ। समारोह में भारतीय वेशभूषा में विदेशी लोग सभी के आकर्षण का केंद्र रहें। जिनमें स्टेन, लिशा,ली, चतुरंगाशी प्रमुख है'।  तिवारी परिवार से स्वागतांकाक्षी की भूमिका में गजराज तिवारी, इंद्रसेन तिवारी, सभाजीत तिवारी, प्रभाकर तिवारी, वृजेश तिवारी , संतोष तिवारी, संदीप तिवारी, संजीव तिवारी, प्रदीप तिवारी, सतीश तिवारी, रेमंत तिवारी, सुधीर तिवारी, विदित तिवारी, शिवपूजन, तिवारी, अनुभव, आरूष, ध्रव, आशुतोष तिवारी  ने सभी का स्वागत किया। गौरतलब हो कि जौनपुर जिले में तिव...

विद्यार्थी जीवन तपस्या का जीवन – बाबा दुबे, टॉपर विद्यार्थियों को किया गया सम्मानित

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विद्यार्थी जीवन तपस्या का जीवन – बाबा दुबे, टॉपर विद्यार्थियों को किया गया सम्मानित जौनपुर। बदलापुर तहसील के  शाहपुर स्थित टारगेट कोचिंग क्लासेज में कल 24 मई को सम्मान समारोह का कार्यक्रम बहुत ही हर्षोल्लास के साथ किया गया। मुख्य अतिथि बदलापुर के पूर्व विधायक ओमप्रकाश दुबे (बाबा) एवं श्री गणेश राम इंटर कालेज   बटाऊबीर के प्रधानाचार्य अनिल यादव के सानिध्य में इस वर्ष बोर्ड की परीक्षा में सभी सफल छात्र एवं छात्राओं को मेडल एवं प्रशस्ति पत्र से सम्मानित किया गया।मेडल पाने वाले छात्र कक्षा 10 के जिला टॉपर राजशेखर सिंह एवं द्वितीय स्थान सविनय गुप्ता,महक,शिवांगी, प्रियांशी,अनामिका,कृतिका,आरुषि,उत्कर्ष, नितिन,विपिन,कृष्णा और अन्य छात्र एवं छात्राओं को दोनों अतिथियों द्वारा सम्मानित किया गया।कार्यक्रम का संचालन कोचिंग के प्रबंधक अखिलेश सर एवं प्रेमचंद सर द्वारा किया गया। इस अवसर पर बोलते हुए बाबा दुबे ने कहा कि विद्यार्थी जीवन तपस्या का जीवन है। विद्यार्थी को किसी तपस्वी की तरह लगातार कठिन परिश्रम करते हुए अपने लक्ष्य को प्राप्त करना चाहिए। संघर्ष से मिली ...

अशोक कुमार शर्मा का ढाई माह बाद भी नहीं लगा सुराग

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अशोक कुमार शर्मा का ढाई माह बाद भी नहीं लगा सुराग जौनपुर। जनपद के बदलापुर तहसील अंतर्गत स्थित ओंका गाँव निवासी अशोक कुमार शर्मा 15 अप्रैल, 2026 को लखनऊ के केजीएमयू से अचानक लापता हो गए। तब से उनके परिजन लगातार उनकी तलाश कर रहे हैं, परंतु अभी तक उनका कोई सुराग नहीं मिला है। साढ़े पांच  फुट लंबे अशोक कुमार शर्मा उस समय काले रंग का हॉफपैंट और भूरे रंग का टी शर्ट पहने हुए थे। जिस भी व्यक्ति को अशोक कुमार शर्मा के बारे में जानकारी मिली, वह थाना प्रभारी चौक लखनऊ से मोबाइल क्रमांक 9454 4038 47 या 97 21 18 30 55 पर संपर्क कर सकता है। श्री शर्मा का सुराग बताने वाले को उचित इनाम भी दिया जाएगा।

एक जीवित विश्वविद्यालय का स्वरूप है स्त्री — डॉ मंजू मंगलप्रभात लोढ़ा, वरिष्ठ साहित्यकार

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एक जीवित विश्वविद्यालय का स्वरूप है स्त्री  —  डॉ मंजू मंगलप्रभात लोढ़ा, वरिष्ठ साहित्यकार माना कि महिलाएँ आज भी रसायन विज्ञान, भौतिक शास्त्र, अर्थशास्त्र, प्रबंधन, बैंकिंग और अनेक क्षेत्रों में संख्या के आधार पर पुरुषों से कम दिखाई देती हैं… लेकिन फिर भी इन सभी क्षेत्रों के बड़े-बड़े वैज्ञानिकों, अर्थशास्त्रियों, प्रबंधकों और विद्वानों की पहली गुरु, पहली पाठशाला और पहली प्रयोगशाला एक स्त्री ही होती है — माँ। वह प्रयोगशाला जहाँ इंसान गढ़े जाते हैं… जहाँ संस्कारों की नींव रखी जाती है, जहाँ प्रेम, त्याग, अनुशासन और मानवता का निर्माण होता है। स्त्रियाँ जन्मजात विदुषी होती हैं। वह लक्ष्मी भी हैं, अन्नपूर्णा भी हैं, सरस्वती भी हैं… और समय आने पर दुर्गा भी बन जाती हैं। जिसे दुनिया अक्सर केवल “घर संभालना” कहकर छोटा समझ लेती है, असल में वही सबसे बड़ा प्रबंधन है। एक पुरुष शायद घर चला सकता है, पर एक स्त्री पूरे घर में जीवन भर देती है। वह दीवारों को घर और घर को परिवार बनाती है। इतिहास गवाह है कि संसार के बड़े-बड़े वीर, महापुरुष और युग निर्माता भी किसी स्त्री की गोद में ही संस...

*सुप्रसिद्ध साहित्यकार प्रोफ़ेसर डॉ अनन्त मिश्र जी की कलम से....*पूर्व विभागाध्यक्ष *दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय*

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*सुप्रसिद्ध साहित्यकार प्रोफ़ेसर डॉ अनन्त मिश्र जी की कलम से....* पूर्व विभागाध्यक्ष  *दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय* पता नहीं भारतीय संस्कृति भारत और विदेश में फैलेगी कि नहीं, पर भारत में प्रकृति तो नष्ट हो जाएगी, ऐसा लगता है। हम लोग पूर्वांचल के निवासी जो आज़ादी के पहले जन्मे थे, और अब भी जीवित हैं, वे देख रहे हैं कि हमारे गाँवों के बाग-बगीचे, उपवन और नदियों तथा टूटी-फूटी कंकड़ की सड़कों के किनारे लगे विशाल वृक्ष सब के सब काट दिए गए। जो पेड़ लग भी रहे हैं, वे अभी या तो बड़े नहीं हुए हैं, या उनकी प्रजाति बौनी है। भोग-विलास और तेज़ रफ़्तार में चलने वाली गाड़ियों के लिए अत्यंत चौड़ी, लगभग हवाई अड्डे की पट्टी की तरह सड़कें और पुल बनाने के फेर में वृक्षों की इतनी कटान हो रही है कि मनुष्यों के लिए छाया और पक्षियों के बसेरों के लिए कोई स्थान नहीं रह गया है। इस पूर्वांचल में ज़रा सी गर्मी बढ़ती नहीं थी कि थोड़ी-बहुत बारिश हो जाती थी। लोगों का पंखों से काम चल जाता था। गाँव में बच्चे, बूढ़े दोपहरी में बड़े-बड़े बागों में बैठे-लेटे रहते थे। लोगों के पास वैभव कम था पर सु...

छात्रों को फर्श से अर्श पर पहुंचाने का निःशुल्क नीट कोचिंग देते हैं डॉ मिथिलेश कुमार बिंद

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छात्रों को फर्श से अर्श पर पहुंचाने का निःशुल्क नीट कोचिंग देते हैं डॉ मिथिलेश कुमार बिंद भदोही। ग्राम सभा हरिचंद पुर भीटी हंडिया प्रयागराज के रहने वाले डॉ मिथिलेश कुमार बिंद चर्म रोग विशेषज्ञ स्वरूप रानी हॉस्पिटल प्रयागराज में कार्यरत है।इस समय पूरे भदोही में चर्चा का विषय बने हुए हैं इनकी सोच हर वर्ष लगभग 100 बच्चों को ममता चैरिटेबल ट्रस्ट एंड स्किन केयर हॉस्पिटल सुभाष नगर भदोही के प्रांगण में एक सुपर 25 क्लासेस खोलकर निशुल्क नीट की तैयारी स्वयं और प्रशिक्षित प्रोफेसर डॉक्टर्स से नीट  विद्यार्थियों को प्रशिक्षण देते हैं।बी एस वी एस न्यूज़ के साक्षात्कार में उन्होंने बताया कि उनका उद्देश्य है कि जौनपुर, प्रयागराज, भदोही, वाराणसी, मिर्जापुर ,जैसे शहरों में सुपर 25 प्रशिक्षण केंद्र खोलकर बच्चों के भविष्य का निर्माण करें।बच्चों के भविष्य और देश के निर्माण में सहायक महान समाजसेवी डॉ मिथिलेश कुमार बिंद को बहुचर्चित संगठन बिंद समाज विकास संघ ने अपनी टीम के साथ पहुंचकर बच्चों को मेडल और डॉ मिथिलेश कुमार बिंद  को, संघ का स्मृति चिन्ह दीवाल घड़ी से ...