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सेवानिवृत्त पूर्व वायु सैनिक संकठा प्रसाद सिंह का दु:खद निधन

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सेवानिवृत्त पूर्व वायु सैनिक संकठा प्रसाद सिंह का दु:खद निधन मुंबई: भांडुप टैंक रोड स्थित सेलेसटियल अपार्टमेंट के निवासी शिक्षाविद् मयाशरण सिंह के पैतृक गांव जौनपुर में उनके पिताजी भारतीय वायु सेना से सेवानिवृत्त पूर्व वायु सैनिक संकठा प्रसाद सिंह का चौरानवे  (94)वर्ष  की उम्र में दु:खद निधन हो गया। वे जौनपुर जिले के अमिलिया (पूर्व) डोभी के मूल निवासी थे। उनका अंतिम संस्कार  हजारों लोगों की उपस्थिति में पावन गंगा नदी के तट औरिहार घाट पर किया गया। मुखाग्नि उनके छोटे सुपुत्र मयाशरण सिंह ने दी।  उनके अंतिम संस्कार में सेवानिवृत्त फौजी भाइयों के समूह द्वारा राष्ट्रीय ध्वज (तिरंगे) से सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई। श्री सिंह अपने पीछे सुपुत्रों में दयाशरण सिंह, मयाशरण सिंह एवं पौत्रों में  सचिन सिंह, नितीन सिंह, विपीन सिंह,विनीत सिंह, हनुमंत सिंह, हेमंत सिंह, अमित सिंह, अंकित सिंह, अंशु सिंह ,प्रियांशु सिंह, निखिल सिंह,व परपौत्र विराज सिंह, देवांग सिंह,हितार्थ सिंह,विज्ञांश सिंह,अंशु सिंह, कृष्णा सिंह व श्री सिंह सहित भरा पूरा परिवार छोड़ गए हैं। गौरतलब ...

*साहित्य का मूल उद्देश्य समाज की संवेदना को ज्ञानात्मक संवेदना के माध्यम से साहित्य में स्थापित करना है।*

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*साहित्य का मूल उद्देश्य समाज की संवेदना को ज्ञानात्मक संवेदना के माध्यम से साहित्य में स्थापित करना है।* नान्दी सेवा न्यास द्वारा आयोजित 25 जून को "डॉ राजेन्द्र प्रसाद पाण्डेय स्मृति समारोह सह द्विदिवसीय पांचवीं राष्ट्रीय संगोष्ठी" का  आयोजन किया गया। उद्घाटन सत्र में वैदिक मंत्रोच्चार के साथ डॉ राजेन्द्र प्रसाद पांडेय की प्रतिमा पर माल्यार्पण व दीप प्रज्वलन हुआ। वैदिक एवं पौराणिक मंगलाचरण एवं स्वस्तिवाचन के साथ कार्यक्रम की विधिवत् शुरुआत हुई। शांभव एवं वैष्णव रत्न ने अपने दादा द्वारा विरचित 'कर्मविमर्श:' का सस्वर पाठ किया। सत्र की रूपरेखा बताते हुए श्री शशिकला पांडेय जी ने सभी विद्वज्जन का स्वागताभिनंदन किया । उन्होंने कहा कि इस द्विदिवसीय संगोष्ठी में 'डाॅ. राजेन्द्र प्रसाद पाण्डेय:चिंतन एवं संवेदना'  विषय पर विचार-विमर्श किया जाएगा। इसी सत्र में  डॉ.  राजेंद्र प्रसाद पाण्डेय कृत 'जीवनचिन्तनम्', प्रो. शशिकला पाण्डेय द्वारा संपादित पुस्तक 'होना विद्यानिवास मिश्र', 'मेरे साक्षात्कार', बलराम जी की 'संपूर्ण कहानियां'...

समरस फाउंडेशन ने किया पूर्व अधीक्षक रामचंद्र पांडे का सम्मान

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समरस फाउंडेशन ने किया पूर्व अधीक्षक रामचंद्र पांडे का सम्मान  सुल्तानपुर। मुंबई की प्रतिष्ठित सामाजिक संस्था समरस फाउंडेशन द्वारा आज बृहन्मुंबई महानगरपालिका शिक्षण विभाग के पूर्व अधीक्षक रामचंद्र पांडे का सुल्तानपुर जनपद के बेदूपारा गांव स्थित उनके घर पर सम्मान किया गया। संस्था के महासचिव तथा वरिष्ठ पत्रकार शिवपूजन पांडे और संस्था के सचिव एडवोकेट भारत पांडे ने संस्था की तरफ से उनका सम्मान किया तथा संस्था के चेयरमैन डॉ किशोर सिंह की तरफ से शुभकामनाएं दी। 2010 में सेवानिवृत होने के बाद श्री पांडे लगातार शैक्षणिक तथा सामाजिक गतिविधियों से जुड़े हुए हैं।  गांव में भी उन्होंने सुंदर घर बनाने के साथ साथ आसपास आम के बगीचे लगा रखे हैं, जिनमें तैयार फलों का भी आज आनंद लिया गया। रामचंद्र पांडे ने कहा कि सेवानिवृत होने के बाद गांव में रहने का आनंद ही कुछ और है। यहां शुद्ध जल ,शुद्ध हवा और शुद्ध भोजन मिलने से शरीर को अतिरिक्त ऊर्जा प्राप्त होती है।

पुणे की घटना, आखिर समाज कब सबक सीखेगा ?– अनिल बारी ,समाज चिंतक

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पुणे की घटना, आखिर समाज कब सबक सीखेगा ? – अनिल बारी ,समाज चिंतक  जब किसी माँ की गोद से उसका बेटा छिन जाता है, तब केवल एक इंसान की मृत्यु नहीं होती, बल्कि एक परिवार के सपने, उम्मीदें और खुशियाँ भी उसी के साथ दम तोड़ देती हैं।"पुणे की हालिया घटना ने पूरे देश को झकझोर दिया है। एक ऐसा मामला, जिसने हर माता-पिता, हर युवा और पूरे समाज को सोचने पर मजबूर कर दिया है। इस मामले की जांच अभी जारी है और अंतिम निर्णय न्यायालय करेगा, इसलिए किसी भी व्यक्ति को दोषी या निर्दोष घोषित करना उचित नहीं है। लेकिन इस घटना ने समाज के सामने कई ऐसे प्रश्न खड़े कर दिए हैं, जिन पर गंभीरता से विचार करना समय की मांग है। जिस घर में कुछ दिनों बाद शहनाइयाँ बजने वाली थीं, जहाँ विवाह की तैयारियाँ चल रही थीं, जहाँ माता-पिता अपने बेटे के नए जीवन के सपने देख रहे थे, आज उसी घर में सन्नाटा, आँसू और मातम है। दूसरी ओर एक और परिवार भी गंभीर संकट से गुजर रहा है। यह केवल दो परिवारों की कहानी नहीं, बल्कि पूरे समाज के लिए एक चेतावनी है। केतन के पिता का दर्द मीडिया में दिए गए अपने सार्वजनिक बयान में केतन के पिता विशाल अ...

घर लौटते समय रहस्यमय ढंग से लापता हुआ युवक, परिजनों ने जताई अनहोनी की आशंका

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घर लौटते समय रहस्यमय ढंग से लापता हुआ युवक, परिजनों ने जताई अनहोनी की आशंका रिपोर्टर , सुरेश कुमार शर्मा  जौनपुर। सरायख्वाजा थाना क्षेत्र के जंगीपुर खुर्द गांव का एक युवक पिछले एक सप्ताह से संदिग्ध परिस्थितियों में लापता है। काफी खोजबीन के बाद भी उसका कोई सुराग नहीं मिलने पर परिजनों ने पुलिस को तहरीर देकर अनहोनी की आशंका जताई है। जानकारी के अनुसार जंगीपुर खुर्द निवासी 30 वर्षीय चन्द्रशेखर गौतम लगभग एक सप्ताह पूर्व कुकुड़ीपुर गांव में किसी के यहां काम करने गया था। बताया जाता है कि वह शाम करीब पांच बजे वहां से अपने घर के लिए निकला था, लेकिन इसके बाद वह रहस्यमय ढंग से गायब हो गया। देर रात तक घर नहीं पहुंचने पर परिजनों की चिंता बढ़ गई। युवक के पिता धर्मराज गौतम ने रिश्तेदारों, परिचितों और संभावित स्थानों पर कई दिनों तक तलाश की, लेकिन कोई जानकारी नहीं मिल सकी। इसके बाद उन्होंने सरायख्वाजा थाने में तहरीर देकर बेटे की गुमशुदगी दर्ज कराते हुए आशंका जताई कि कहीं उसके साथ कोई अप्रिय घटना न हो गई हो। परिजनों के अनुसार चन्द्रशेखर घर से निकलते समय पीले रंग की शर्ट और काली पैंट पहने ...

*सई नदी में डूबने से दो किशोरियों की दर्दनाक मौत, पीड़ित परिवार के दुख में शामिल हुए लोक जनशक्ति पार्टी रामविलास के पदाधिकारी*

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*सई नदी में डूबने से दो किशोरियों की दर्दनाक मौत, पीड़ित परिवार के दुख में शामिल हुए लोक जनशक्ति पार्टी रामविलास के पदाधिकारी* रिपोर्टर, सुरेश कुमार शर्मा  जौनपुर। जलालपुर थाना क्षेत्र के नहोरा गांव में उस समय मातम छा गया, जब सई नदी में डूबने से दो किशोरियों की दर्दनाक मौत हो गई। इस हृदय विदारक घटना से पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई। मृतक परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है। घटना की जानकारी मिलते ही लोक जनशक्ति पार्टी रामविलास खेल एवं सांस्कृतिक प्रकोष्ठ के राष्ट्रीय सचिव सुरेश कुमार शर्मा नहोरा गांव पहुंचे और मृतक शिवांगी (18 वर्ष) पुत्री भैयालाल गौतम एवं पिंकी कुमारी (19 वर्ष) पुत्री भोलानाथ गौतम के परिजनों से मुलाकात कर अपनी गहरी संवेदना व्यक्त की। सुरेश कुमार शर्मा ने दोनों दिवंगत आत्माओं को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि इस दुख की घड़ी में लोक जनशक्ति पार्टी रामविलास परिवार पीड़ित परिवार के साथ मजबूती से खड़ा है। उन्होंने परिवार को हर संभव सहयोग एवं सहायता का भरोसा दिलाया तथा यथाशक्ति आर्थिक सहयोग का भी भरोसा दिलाया। उन्होंने कहा कि मानव सेवा और पीड़ितों के...

*दिव्यांग बच्चों के सपनों को मिलेगी नई उड़ान, अब मजबूरी नहीं बनेगी उनकी पहचान*

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*दिव्यांग बच्चों के सपनों को मिलेगी नई उड़ान, अब मजबूरी नहीं बनेगी उनकी पहचान* रिपोर्टर,सुरेश कुमार शर्मा  जौनपुर। कभी-कभी जिंदगी इंसान की परीक्षा लेती है। लेकिन हौसलों के आगे हर मुश्किल छोटी पड़ जाती है। ऐसे ही उन मासूम दिव्यांग बच्चों के लिए एक उम्मीद की किरण बनकर सामने आया विकास भवन जौनपुर में आयोजित संगोष्ठी कार्यक्रम, जहां उनके भविष्य और उच्च शिक्षा को लेकर एक महत्वपूर्ण पहल की गई। जिन बच्चों की आंखों ने दुनिया को अलग अंदाज में देखा, जिनके कदमों ने संघर्षों के रास्ते पर चलना सीखा, और जिनके सपनों के सामने कभी-कभी समाज की बंदिशें दीवार बन जाती थीं, आज उन्हीं बच्चों के सपनों को पंख देने की बात हुई। जिला दिव्यांगजन सशक्तिकरण अधिकारी राजेश कुमार नायक के नेतृत्व में आयोजित संगोष्ठी में दिव्यांग बच्चों की कक्षा 8 के बाद की शिक्षा, उनके अधिकारों और बेहतर भविष्य को लेकर गहन चर्चा की गई। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में डॉ. शकुंतला मिश्रा राष्ट्रीय पुनर्वास विश्वविद्यालय, लखनऊ के कुलपति डॉ. संजय सिंह ने बताया कि विश्वविद्यालय में दिव्यांग विद्यार्थियों के लिए विशेष सुविध...