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*छुपने के लिए चोर को दो जगह बहुत सुरक्षित बहुत सुन्दर है।एक संसद भवन विधानसभा है तो दूसरा ईश का घर मंदिर है*

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*छुपने के लिए चोर को दो जगह बहुत सुरक्षित बहुत सुन्दर है। एक संसद भवन विधानसभा है तो दूसरा ईश का घर मंदिर है*         पहले राजभवन में मंत्री संत्री चपरासी राजा द्वारपाल सेनापति प्रधानमंत्री आदि लोग बैठते थे।जो देश को अपराधियों से मुक्त करने लिए विचार विनिमय किया करते थे। अपराधी पकड़कर लाये जाते थे। दरबार लगता था।राजा ही न्यायाधीश होता था।पक्ष विपक्ष की दलीलें सुनता था। फिर सजा सुनाता था।समय बदला मुगल आये,उनका रहन सहन तरीका थोड़ा अलग था।मगर शासन व्यवस्था वैसे ही रही। फिर अंग्रेज आये। बहुत अत्याचार किए। बहुत लूटे खसोटे। व्यभिचार किए।यहाॅं जो बदलाव हुआ वो ए कि कोई भी मुकदमा राजा न देखकर न्यायाधीश देखने लगा।वह अपने हिसाब से काम नहीं कर पाता था।कहने के लिए न्याधीश था।यदि सच में होता तो भगत सिंह राजगुरु सुखदेव जैसे नौनिहालों को फांसी न देता।वो तो सरकार की कठपुतली बना  सभी एशो-आराम को भोग रहा था। लेकिन दरबार में तब भी अपराधी आसनारूढ़ नहीं थे।         आजादी मिली।कुछ दिन ठीक ठाक चला।राजभवन ध्वस्त किए गये।मतलब उन्हें विवश किया गया कि व...

*संघर्ष से सफलता तक का सफर: सुरेश कुमार शर्मा को मिली हिमालय परिवार में बड़ी जिम्मेदारी*

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*संघर्ष से सफलता तक का सफर: सुरेश कुमार शर्मा को मिली हिमालय परिवार में बड़ी जिम्मेदारी* रिपोर्टर — सुरेश कुमार शर्मा जौनपुर, मेहनत, संघर्ष और समाज के प्रति समर्पण की मिसाल पेश करते हुए पत्रकारिता जगत से जुड़े युवा कर्मठ व्यक्तित्व सुरेश कुमार शर्मा को हिमालय परिवार संगठन में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है। एक साधारण परिवार से निकलकर सीमित संसाधनों और संघर्षों के बीच आगे बढ़ते हुए सुरेश कुमार शर्मा ने अपनी लेखनी, ईमानदारी और समाज के प्रति अपनी प्रतिबद्धता के बल पर अपनी अलग पहचान बनाई है। आज भी संघर्षों के बीच किराए के छोटे से मकान में रहकर अपने सपनों को संजोने वाला यह युवा समाज सेवा और संगठन के बड़े दायित्व की ओर निरंतर आगे बढ़ रहा है। देशभर के पत्रकार साथियों, मित्रों, शुभचिंतकों और समाज के लोगों से मिले विश्वास एवं आशीर्वाद के बाद सुरेश कुमार शर्मा को हिमालय परिवार में काशी प्रांतीय मंत्री एवं जनपद सुल्तानपुर प्रभारी का दायित्व प्रदान किया गया है। यह जिम्मेदारी उन्हें हिमालय परिवार के वरिष्ठ मार्गदर्शक एवं संस्थापक संरक्षक डॉ. इन्द्रेश कुमार जी तथा हिमालय परिवार काशी प...

सकारात्मक विचारच 'री-नीट' (Re-NEET) परीक्षेत यश मिळवून देऊ शकतात

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सकारात्मक विचारच 'री-नीट' (Re-NEET) परीक्षेत यश मिळवून देऊ शकतात मुंबई:मुंबई सामाजिक कार्यकर्ते आणि शिक्षणतज्ज्ञ चंद्रवीर बंशीधर यादव यांनी री-नीट देणारे  सर्व विद्यार्थ्यांना परीक्षेसाठी मन:पूर्वक शुभेच्छा दिली आहे.नीट परीक्षा रद्द झाल्यामुळे विद्यार्थी आणि पालक दोघेही स्वतःला फसवणूक झाल्यासारखे (ठकवल्यासारखे) अनुभवत आहेत. दोघांचीही स्वप्ने भंग पावल्यासारखी वाटत आहेत. री-नीट परीक्षेत आधीसारखा अभ्यासाचा तोच 'रिदम' (लय) दिसून येत नाही. विद्यार्थी संभ्रमावस्थेत (कन्फ्युज्ड) दिसत आहेत. अशा वेळी, या री-नीट परीक्षेसाठी प्रत्येक विद्यार्थ्याच्या मनातील नकारात्मक विचार दूर करून त्यांच्यात सकारात्मकता निर्माण करणे हे आपल्या सर्वांचे कर्तव्य आहे. ही री-नीट परीक्षा त्यांच्या उज्ज्वल भविष्यासाठीच आहे, हे त्यांना समजावून सांगा. त्यांनी मनापासून प्रयत्न केल्यास ते आधीपेक्षाही चांगली धावसंख्या (स्कोर) मिळवू शकतात. ही त्यांच्यासाठी आणखी एक उत्तम संधी आहे. सोशल मीडिया, सरकार, विरोधी पक्ष आणि पालकांनी विद्यार्थ्यांचा आत्मविश्वास कमी होऊ देऊ नये. आपण जसा विचार करत...

*आसपास बनारस कर लूँ...!.*

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*आसपास बनारस कर लूँ...!.* बंदिशें तमाम आई..... नौजवानी की दहलीज पर ही प्यारे जानते हो तुम भी ....बेहद करीब से फिर चाहते क्यों हो.....? कि सुर-लय-ताल अपना.... मैं सबसे सरस कर लूँ.... ****    ****     ****    **** जब आनन्द आता है उन्हें....! पथरीली पगडण्डियों पर ही प्यारे... फिर मुझे क्या पड़ी है बताओ....? कि उनके लिए....मेहनत करके.... राह सारी मैं चौरस कर लूँ.... ****     ****     ****     **** किसी कोने में....चेहरा छुपा के.... बैठे हैं जब लोग यहाँ के सारे..... फिर आप ही बताओ प्यारे कि मैं..! उनसे कैसे कोई बतरस कर लूँ.... ****    ****    ****    **** गुरबत में ही जीना है....! यहाँ जब मुझको प्यारे....फिर... किस बात के लिए मैं..... खुद को उनके परवश कर लूँ.... ****     ****     ****    **** गहराईयाँ जो बक्शी हैं....! विधाता ने समन्दर सी मुझको.... फिर अनायास ही क्यों......? मैं खुद को पर्वत कर लूँ... ****     ****...

राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में अविरल को स्वर्ण पदक

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राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में अविरल को स्वर्ण पदक सुल्तानपुर  आर.ए.वी.डी. स्पेक्ट्रम एकेडमी, मूँगर के लिए गौरव का क्षण तब आया जब विद्यालय के प्रतिभाशाली छात्र अविरल कान्त वर्मा ने राज्य स्तरीय पेंचक सिलाट प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक हासिल किया। प्राप्त जानकारी के अनुसार, उत्तर प्रदेश पेंचक सिलाट एसोसिएशन द्वारा राज्य स्तरीय पेंचक सिलाट प्रतियोगिता का आयोजन 19 एवं 20 जून को लखनऊ के चौक स्टेडियम में किया गया। प्रतियोगिता में प्रदेश के 75 जनपदों से आए खिलाड़ियों ने विभिन्न भार वर्गों एवं कैटेगरी में प्रतिभाग किया। इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में आर.ए.वी.डी. स्पेक्ट्रम एकेडमी, मूँगर के छात्र अविरल कान्त वर्मा ने सुलतानपुर टीम का प्रतिनिधित्व करते हुए प्री-जूनियर बॉयज़ 70-75 किलोग्राम वर्ग में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया और स्वर्ण पदक जीतकर जनपद का गौरव बढ़ाया। अविरल की इस उल्लेखनीय उपलब्धि पर विद्यालय परिवार, शिक्षकों एवं अभिभावकों में हर्ष की लहर है। विद्यालय प्रबंधन ने अविरल को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की तथा कहा कि उनकी यह सफ...

*आसपास बनारस कर लूँ...!.*

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*आसपास बनारस कर लूँ...!.* बंदिशें तमाम आई..... नौजवानी की दहलीज पर ही प्यारे जानते हो तुम भी ....बेहद करीब से फिर चाहते क्यों हो.....? कि सुर-लय-ताल अपना.... मैं सबसे सरस कर लूँ.... ****    ****     ****    **** जब आनन्द आता है उन्हें....! पथरीली पगडण्डियों पर ही प्यारे... फिर मुझे क्या पड़ी है बताओ....? कि उनके लिए....मेहनत करके.... राह सारी मैं चौरस कर लूँ.... ****     ****     ****     **** किसी कोने में....चेहरा छुपा के.... बैठे हैं जब लोग यहाँ के सारे..... फिर आप ही बताओ प्यारे कि मैं...! उनसे कैसे कोई बतरस कर लूँ.... ****    ****    ****    **** गुरबत में ही जीना है....! यहाँ जब मुझको प्यारे....फिर... किस बात के लिए मैं..... खुद को उनके परवश कर लूँ.... ****     ****     ****    **** गहराईयाँ जो बक्शी हैं....! विधाता ने समुद्र सी मुझको.... फिर अनायास ही क्यों......? मैं खुद को पर्वत कर लूँ... ****     ****...

एसीपी विकास जायसवाल को दी गई विदाई

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एसीपी विकास जायसवाल को दी गई विदाई लखनऊ। एसीपी हजरतगंज विकास जायसवाल के सम्मान में शुक्रवार को रायल कैफ़े, हजरतगंज में विदाई समारोह का आयोजन किया गया। वर्ष 2014 बैच के डिप्टी एसपी विकास जायसवाल का स्थानांतरण उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री की सुरक्षा व्यवस्था में महत्वपूर्ण दायित्व हेतु हुआ है। इस अवसर पर डीसीपी मध्य विक्रांत वीर, एडीसीपी मध्य जितेन्द्र कुमार दुबे, एसीपी अंकित कुमार, एसीपी प्रदीप कुमार, एसीपी रजनीश वर्मा तथा विभिन्न थानों के प्रभारी निरीक्षकगण उपस्थित रहे। सभी अधिकारियों ने विकास जायसवाल को नवीन दायित्व हेतु शुभकामनाएँ देते हुए उनके कार्यकाल की सराहना की और उज्ज्वल भविष्य की कामना की।