Posts

उत्तर भारतीय एकता मंच द्वारा माता की चौकी का भव्य आयोजन, संजय सिंह का किया गया सम्मान

Image
उत्तर भारतीय एकता मंच द्वारा माता की चौकी का भव्य आयोजन, संजय सिंह का किया गया सम्मान मुंबई। उत्तर भारतीय एकता मंच द्वारा  आईआईटी पवई के सामने सिनेमा ग्राउंड में माता की चौकी का भव्य आयोजन किया गया, जिसमें भारी संख्या में श्रद्धालुओं ने उपस्थित होकर माता रानी के दर्शन किए एवं महाप्रसाद ग्रहण किया। महाप्रसाद ग्रहण के उपरांत उत्तर भारतीय संघ के उपाध्यक्ष संजय सिंह का माता की चुनरी एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर मंच के सभी पदाधिकारियों द्वारा सम्मानपूर्वक स्वागत किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में विधायक सुनील राउत  उपस्थित रहे। साथ ही नगरसेवक चंदन शर्मा , समाजसेवी प्रशांत शर्मा , वरिष्ठ पत्रकार बृजमोहन पाण्डेय, प्रमोद तिवारी (पोपट), रोहित उपाध्याय, महावीर माहला, आनंद गुप्ता अग्रहरि, मोनू भट्टी, ओमप्रकाश जायसवाल, दिनेश मिश्रा , अमित गोयल,  अरविंद गुप्ता, अमिताभ सिंह, लोकेश मिश्रा, प्रभात तिवारी, मोहित तिवारी, छेदी प्रसाद गुप्ता, जयवंत काटे सहित अनेक गणमान्य उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान अंतरराष्ट्रीय लोकगायक राकेश तिवारी ‘बब्लू’ ने भक्ति गीतों की प्रस्तुति...

नव कुंडी गायत्री महायज्ञ आणि प्राण प्रतिष्ठा संपन्न

Image
नव कुंडी गायत्री महायज्ञ आणि प्राण प्रतिष्ठा संपन्न  ठाणे  अखिल जागतिक गायत्री परिवार शांतीकुंज हरिद्वार शाखा डोंबिवली यांच्या संयुक्त विद्यमाने मुरबाड सायलेगांव ,शहाड येथे नव कुंडी गायत्री महायज्ञ व प्राण प्रतिष्ठाचे आयोजन करण्यात आले होते. ज्याचे आयोजन जन गण मन स्कूल, वंदे मातरम कॉलेज डोंबिवली,JMF फाउंडेशन,अध्यक्ष डॉ.राजकुमार कोल्हे,अध्यक्ष डॉ.प्रेरणा राजकुमार कोल्हे आणि सौ.संध्या पाटील डोंबिवलीकर यांनी केले होते.दिव्य सोहळ्यात श्री गायत्री माता,शिवलिंग,श्री गणेश आणि श्री दत्तगुरु यांचा अभिषेक करण्यात आला आणि जयघोषाने वातावरण भक्तिमय झाले. मंत्रोच्चारात, यज्ञातील पवित्र अग्नी आणि उत्सवाच्या तेजस्वी दिव्यांनी प्रत्येकाच्या अंत:करणात शांती आणि समाधानाची अद्भुत अनुभूती जाणवत होती. विशेष म्हणजे त्या क्षणी उपस्थित अनेकांच्या डोळ्यांतून अश्रू वाहू लागले - दुःखाचे अश्रू नव्हे तर परम आनंदाचे, भक्तीचे आणि दिव्य स्पर्शाचे अश्रू. प्रत्येक देवतेच्या चेहऱ्यावरचे वेगवेगळे भाव पाहून असे वाटले की देव आपल्यात अवतरला आहे. हा सोहळा केवळ विधी नव्हता तर एक अवि...

9 कुंडिय गायत्री महायज्ञ और प्राण प्रतिष्ठा संपन्न

Image
9 कुंडिय गायत्री महायज्ञ और प्राण प्रतिष्ठा संपन्न  ठाणे  प्रेरणा स्रोत अखिल विश्व गायत्री परिवार शांतिकुंज हरिद्वार शाखा डोंबिवली के तत्वाधान में नव कुंडी गायत्री महायज्ञ और प्राण प्रतिष्ठा का आयोजन मुरबाड़ के सायलेगांव शहाड़ में किया गया।जिसका आयोजन जन गण मन स्कूल, वंदे मातरम कॉलेज डोंबिवली, जे एम एफ फाउंडेशन, प्रेसिडेंट डॉक्टर राजकुमार कोल्हे, प्रेसिडेंट डॉक्टर प्रेरणा राजकुमार कोल्हे तथा श्रीमती संध्या पाटिल डोंबिवलीकर ने किया।दिव्य समारोह में श्री गायत्री माता,शिवलिंग,श्री गणेश एवं श्री दत्तगुरु की प्राण प्रतिष्ठा की गई जहां माहौल जयकारे से भक्तिमय हो गया।मंत्रोच्चार,यज्ञ की पवित्र अग्नि और उत्सव की तेज रोशनी में सभी ने अपने दिलों में शांति और संतुष्टि की अद्भुत भावना महसूस की।दिलचस्प बात यह है कि उस पल उपस्थित कई लोगों की आँखों से आँसू बहने लगे - दुःख के आँसू नहीं, बल्कि परम आनंद,भक्ति और दिव्य स्पर्श के आँसू।हर देवता के चेहरे पर अलग-अलग भाव देखकर ऐसा लग रहा था कि भगवान हमारे बीच अवतरित हो गए हैं।यह समारोह केवल एक अनुष्ठान नहीं था बल्क...

डॉ.भारती संजीव श्रीवास्तव को "वैदिक साहित्य श्री" सम्मान

Image
डॉ.भारती संजीव श्रीवास्तव को "वैदिक साहित्य श्री" सम्मान मुंबई आर्य समाज बोरीवली की ओर से डॉ. भारती  संजीव श्रीवास्तव को "वैदिक साहित्य श्री"  सम्मान प्रदान किया गया। सम्मान समारोह की अध्यक्षता उद्योगपति लालचंद तिवारी ने किया तथा कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में ख्यातिलब्ध हास्य कवि महेश दुबे उपस्थित थे।कवयित्री श्रीमती गायत्री पाण्डेय बतौर सम्माननीय अतिथि के रूप में मौजूद रहीं। डॉ.भारती संजीव श्रीवास्तव को यह सम्मान उनकी सुदीर्घ साहित्य सेवा के लिए प्रदान किया गया। भारती का हिंदी भाषा के प्रति अटूट प्रेम रहा है। उनकी लेखनी में भाषा का संयम,भावों की गहराई और काव्य का संतुलन झलकता है। उनकी भाषा शैली मर्यादित, परिष्कृत और प्रभावशाली है। उनके पहले ही काव्य संग्रह ‘उसका सूरज’ को महाराष्ट्र राज्य हिंदी साहित्य अकादमी द्वारा पुरस्कृत किया जाना उनके साहित्यिक कौशल और संवेदनशील दृष्टि का प्रमाण है। हाल ही में उन्होंने मुंबई यूनिवर्सिटी से ‘निराला साहित्य में अभिव्यक्त जीवन दर्शन ‘ विषय पर पीएच.डी की उपाधि प्राप्त की है। इस अवसर पर उन्होंने ने अपने शोध-यात्...

मुगल,अंग्रेज और कांग्रेस की फूट डालो और राज करो की नीति से बंटा हिंदू समाज : मंत्री लोढ़ा

Image
मुगल,अंग्रेज और कांग्रेस की फूट डालो और राज करो की नीति से बंटा हिंदू समाज : मंत्री लोढ़ा मुंबई। महाराष्ट्र सरकार के कैबिनेट मंत्री मंगलप्रभात लोढा ने जैन समाज को लेकर बड़ा बयान देते हुए कहा कि जैन धर्म मूलतः हिंदू संस्कृति का ही हिस्सा है और अब जैन समाज को अल्पसंख्यक दर्जे से बाहर आने पर विचार करना चाहिए। वे मंत्रालय में पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। मंत्री लोढ़ा ने कहा कि भारत में विभिन्न जाति और धर्म मौजूद हैं, लेकिन उनकी जड़ें एक ही सांस्कृतिक विचारधारा से जुड़ी हैं। “जैन धर्मियों की पूजा पद्धति अलग हो सकती है, परंतु वे सांस्कृतिक रूप से हिंदू ही हैं। अब समय आ गया है कि वे अल्पसंख्यक दर्जे से बाहर आने का निर्णय लें। उन्होंने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के संस्थापक केशव बळीराम हेडगेवार की जयंती का उल्लेख करते हुए कहा कि उनके विचार आज भी प्रासंगिक हैं। उन्होंने कहा कि जब तक हिंदू समाज एकजुट नहीं होगा, तब तक सशक्त राष्ट्र निर्माण संभव नहीं है। मंत्री लोढ़ा ने आरोप लगाया कि इतिहास में मुगलों और अंग्रेजों ने “फूट डालो और राज करो” की नीति अपनाई, जिससे समाज में विभाजन पैदा हुआ। उ...

अथर्वन फाउंडेशन द्वारा रामघाट पर स्वच्छता अभियान का हुआ आयोजन

Image
अथर्वन फाउंडेशन द्वारा रामघाट पर स्वच्छता अभियान का हुआ आयोजन  प्रयागराज। 3 अप्रैल 2026, शुक्रवार को अथर्वन फाउंडेशन ने गंगा टास्क फोर्स (137 CETF BN TA 39 GR), हरिहर गंगा आरती संस्था, जनजागृति सेवा समिति एवं नमामि गंगे के सहयोग से शहर के राम घाट पर स्वच्छता एवं जनजागरूकता अभियान का आयोजन की। सर्वप्रथम माॅं गंगा की आरती हुई, जिससे पूरे घाट पर आध्यात्मिक वातावरण बन गया तदुपरांत अथर्वन फाउंडेशन एवं सहयोगी संस्थाओं के सदस्यों द्वारा घाट पर बड़ी संख्या में उपस्थित स्नानार्थियों एवं श्रद्धालुओं को एकल प्लास्टिक उपयोग के दुष्प्रभावों के बारे में जागरूक किया एवं लोगों को कपड़े के झोले वितरित किए, ताकि प्लास्टिक बैग का उपयोग छोड़कर पर्यावरण के अनुकूल विकल्प अपनाएं। साथ ही सभी सदस्यों द्वारा राम घाट पर सफाई अभियान चलाकर प्लास्टिक व अन्य कचरे को भारी मात्रा में एकत्र किया गया एवं गंगा माँ को स्वच्छ रखने का सशक्त संदेश दिया गया। इस अवसर पर बच्चों और स्थानीय लोगों ने भी उत्साहपूर्वक भाग लिया तथा स्वेच्छा से सफाई अभियान में शामिल होकर कार्यक्रम को सफल बनाया। कार्यक्रम के अंत में सभी...

"सभ्यताओं के बिना....!"(कविता)

Image
"सभ्यताओं के बिना....!"(कविता) ब्रह्माण्ड में.....! जाने कितने प्रकाशमान पिंड हैं चमकती ज्योति पुंज फैलाए हुए अपने-अपने नियमों....और... अपने-अपने सिद्धांतों पर.... विज्ञान ने भी दी है मान्यता इनको किया है इनका नामकरण भी....  यही नहीं...गल्प कथाओं में भी....! खूब ज़िक्र मिलता है इनका.... पर....सच है कि...आज भी.... यह कल्पना का ही विषय है....! विज्ञान और गल्प कथा, दोनों के लिए ही..... कि इन जगहों पर..... सभ्यता का विकास हुआ है या नहीं यहाँ रोग-दोष,सुख-दुख,हानि-लाभ, जीवन-मरण,यश-अपयश...है या नहीं...? यहाँ परियों का देश....है या नहीं....? किन्नर नरेश के राजमहल का....! अस्तित्व.....है या नहीं....? यहीं पर मित्रों....सभी जानते हैं... सभी को अच्छे से पता है....कि... एक चमकता हुआ प्रकाश पिंड....! अपनी नियमित गति से.... संपूर्ण वैश्विक जगत को.... दिन-रात प्रकाशमान किए है.... जिसे "सूर्य" कहा है....विज्ञान ने...! शास्त्रों ने....ज्योतिष ने....साहित्य ने और....गाँव-देश-समाज ने भी.... निष्कर्ष यही है कि.....! सूर्य कहाने के लिए, सूर्य बनने के लिए... आवश्यक है... सभ्यत...