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धरती ने पहना बसंती वस्त्र –डॉ मंजू मंगलप्रभात लोढ़ा

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धरती ने पहना बसंती वस्त्र  –डॉ मंजू मंगलप्रभात लोढ़ा आज वसंत पंचमी का पावन पर्व है। प्रकृति मुस्कुरा रही है, चारों ओर पीले फूलों की छटा बिखरी है, मानों धरती ने स्वयं बसंती वस्त्र पहन लिए हों। शीत ऋतु की विदाई और वसंत के आगमन के साथ जीवन में नई ऊर्जा, नई आशा और नई सृजनात्मकता का संचार होता है। वसंत पंचमी को अभिजीत मुहूर्त भी कहा जाता है—यह ऐसा शुभ दिन है जिसमें बिना विशेष मुहूर्त देखे किसी भी मंगल कार्य का आरंभ किया जा सकता है। विद्या आरंभ, लेखन, संगीत, कला और साधना के लिए यह दिन अत्यंत फलदायी माना गया है।इसी पावन तिथि को माँ सरस्वती का अवतरण दिवस भी माना जाता है—ज्ञान, वाणी, विवेक और सृजन की अधिष्ठात्री देवी। आज के दिन उनके चरणों में वंदन कर हम अपने जीवन को अज्ञान से ज्ञान की ओर, अंधकार से प्रकाश की ओर ले जाने का संकल्प लेते हैं। देखो वसंत पंचमी का शुभ दिन आया, माँ सरस्वती के अवतरण का मंगल दिन आया। सफेद वस्त्रों में सुसज्जित, मुख पर असीम शांति, होठों पर मधुर मुस्कान, आँखों से छलक रहा स्नेह का निर्झर, कितनी सुंदर मेरी माँ है भारती-वागेश्वरी। हाथों में तेरे वीणा है, सुरों...

श्री बागरामदेववीर सेवा ट्रस्ट द्वारा आयोजित कार्यक्रम श्रद्धा व भक्ति के साथ सम्पन्न

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श्री बागरामदेववीर सेवा ट्रस्ट द्वारा आयोजित कार्यक्रम श्रद्धा व भक्ति के साथ सम्पन्न मुंबई। श्री बागरामदेववीर सेवा ट्रस्ट, मुंबई (मेघवाल समाज) के तत्वावधान में श्री बाबा रामदेववीर मंदिर, कामण रोड (वसई) में दिनांक 20 जनवरी 2026, मंगलवार (सुदी 2 बीज) को आयोजित धार्मिक एवं सामाजिक कार्यक्रम भव्य रूप से सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम में क्षेत्र के श्रद्धालुओं एवं समाज के गणमान्यजनों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। कार्यक्रम के दौरान बाबा रामदेवजी महाराज एवं माताजी डालीबाई–अगमाई की विधिवत पूजा-अर्चना, आरती एवं प्रसाद वितरण किया गया। वातावरण भक्तिमय रहा और श्रद्धालुओं ने सुख-समृद्धि एवं समाज कल्याण की कामना की। इस अवसर पर ट्रस्ट पदाधिकारियों ने समाज में एकता, सेवा और संस्कारों को आगे बढ़ाने का संदेश दिया। कार्यक्रम के सफल आयोजन हेतु पत्रिका सौजन्य के लाभार्थी परिवारजनों एवं सहयोगकर्ताओं का विशेष आभार व्यक्त किया गया। समापन पर प्रसाद वितरण के साथ कार्यक्रम शांतिपूर्ण व सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ।

शुक्ला कंपाउंड के झोपड़ावासियों को मिला न्याय,गोपाल शेट्टी ने माना राहुल नार्वेकर का आभार

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शुक्ला कंपाउंड के झोपड़ावासियों को मिला न्याय,गोपाल शेट्टी ने माना राहुल नार्वेकर का आभार मुंबई। दहिसर पूर्व के रावलपाड़ा स्थित शुक्ला कंपाउंड परिसर में निष्कासित झोपड़ाधारकों प्रकरण में महाराष्ट्र विधानसभा अध्यक्ष राहुल नार्वेकर द्वारा उठाए गए कदम तथा न्याय प्रिय भूमिका को देखते हुए उत्तर मुंबई के पूर्व सांसद तथा जनप्रिय नेता गोपाल शेट्टी ने उन्हें पत्र लिखकर शुक्ला कंपाउंड के साथ-साथ मुंबई के सभी झोपड़ावासियों की तरफ से आभार बनते हुए धन्यवाद दिया है। विधानसभा अध्यक्ष को लिखे पत्र में श्री शेट्टी ने कहा है कि शुक्ला कंपाउंड परिसर में स्थित झोपड़ाधारकों के अन्यायपूर्ण निष्कासन कार्रवाई के संदर्भ में 22 जनवरी, 2026 को आपकी अध्यक्षता में हुई बैठक में आप द्वारा उठाए गए स्पष्ट व संवैधानिक कदम से लोकतांत्रिक मूल्यों को न सिर्फ ताकत मिली है अपितु गरीब जनता को न्याय मिला है। गोपाल शेट्टी ने कहा कि महाराष्ट्र शासन द्वारा झोपड़ीधारकों को स्लम एक्ट के अंतर्गत संरक्षण प्रदान किए जाने के बावजूद भी, महानगरपालिका के अधिकारियों द्वारा की गई गलत एवं अवैध तोड़क कार्रवाई पर आपने ...

*भारत की प्रगति में योगदान देने वाला आज भी परेशान है*

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*भारत की प्रगति में योगदान देने वाला आज भी परेशान है*        आजादी के पहले राजतंत्र था तब आमजन बहुत सताये जाते थे।राजाओं से कम जमींदारों से अधिक।एक कहावत है न चाय से अधिक केतली गर्म।उस खंडकाल में ऐसा ही था। जमींदार लोग जनता के साथ अत्याचार करते थे।इसी अत्याचार को खत्म कर आम आदमियों के जीवन में भी खुशहाली आये।इसके लिए भारत के नौजवानों ने क्रांति का विगुल बजा दिया।राजशाही को खत्म करने में अनेकों ने बलिदान दिया।जिसके चलते राजतंत्र खत्म हुआ और प्रजातंत्र स्थापित हुआ। लोगों में खुशी का संचार हुआ। लेकिन फिर वही ढाक के तीन पात।आम जनता अपना खून बहाती रही। कमरतोड़ मेहनत करती रही।देश का उत्थान हो इसलिए टैक्स भी देती रही।मगर सत्तासीन लोग अपने हर एशो-आराम के लिए काम पर लगे रहे।एक तरफ जनता जानवरों की तरह भोजन कर रही थी तो दूसरी तरफ कथित जनसेवक हर वो ऐशो आराम कर रहे थे।जो एक राजा करता है।विलासिता की सारी हदों को तोड़ रहे थे। कपड़े भारत में न  बनते थे उनके न धुलते थे।सरकारी विमान से जहांपनाह सेविंग (दाढ़ी)बनवाने के लिए विदेश जाते थे।अब आप समझ चुके होंगे कि वो जनसेव...

भायंदर में सजेगा बाबा श्याम का भव्य दरबार

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भायंदर में सजेगा बाबा श्याम का भव्य दरबार भायंदर। श्याम दीवाने, भायंदर  द्वारा खाटू श्याम के चरणों मैं समर्पित भजन संध्या 26 जनवरी को रखा गया हैं यह महोत्सव शाम चार बजे से वेंकटेश बैंक्वेट हॉल, भायंदर - वेस्ट में होगा कार्यक्रम में बाबा श्याम का भव्य दरबार, छप्पन भोग, महाप्रसाद रहेगा । संस्थापक एवं यजमान अनुज सराओगी, सुमीत अग्रवाल, सौरभ पोद्दार, सचिन अग्रवाल, सुबोध बिदवात्का, तेजस चौधरी, नीरव कडाकिआ, अजय मिश्रा, जयेश  गोयल, सुमित  सराओगी, योगेश  सोमानी, रजत  अग्रवाल, श्रेयांस अग्रवाल, हितेश  अग्रवाल, शुभम  बजाज, अमित अग्रवाल, अभिषेक  बिरमिवाला, अभिषेक  लुँड़िआ, अमित अग्रवाल, हितेश  पुरोहित आदि तैयारियों में लगे हैं।

राहुल एजुकेशन द्वारा सम्मान पाना मेरे लिए गौरव की बात : हसमुख गहलोत

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राहुल एजुकेशन द्वारा सम्मान पाना मेरे लिए गौरव की बात : हसमुख गहलोत  भायंदर। शिक्षा के क्षेत्र में राहुल एजुकेशन जिस तेजी के साथ लगातार आगे बढ़ रहा है, वह मीरा भायंदर के लोगों के लिए अत्यंत गौरव की बात है। मुझे इस बात का गर्व है कि मैं श्री एलआर तिवारी कॉलेज ऑफ़ लॉ का स्टूडेंट हूं और मीरा भायंदर महानगरपालिका चुनाव में जनता के आशीर्वाद से विजय प्राप्त करने के बाद शिक्षा सम्राट पंडित लल्लन तिवारी जी द्वारा मुझे सम्मानित किया गया। यह मेरे लिए गौरव की बात है। राहुल एजुकेशन के चेयरमैन लल्लन तिवारी द्वारा सम्मानित किए जाने के बाद मीरा भायंदर के पूर्व उप महापौर तथा लोकप्रिय नगरसेवक हसमुख गहलोत ने उपरोक्त बातें कही। उन्होंने कहा कि आज मुझे सम्मान के साथ-साथ शिक्षा सम्राट पंडित लल्लन तिवारी जी का आशीर्वाद भी प्राप्त हुआ इसलिए मेरे लिए यह दोहरी खुशी का क्षण है। लल्लन तिवारी ने शॉल स्मृति चिन्ह तथा पुष्प गुच्छ से उनका सम्मान किया। इस अवसर पर जिला महामंत्री ज्ञानेंद्र शिवाजी सिंह, जिला सचिव संजय बोरा, देवाशीष शहा, संतोष शर्मा, वरिष्ठ पत्रकार शिवपूजन पांडे समेत अनेक लोग उपस्थित रहे।...

*संस्कृत विश्वविद्यालय में राज्यस्तरीय शास्त्रीय प्रतियोगिताएँ संपन्न*

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*संस्कृत विश्वविद्यालय में राज्यस्तरीय शास्त्रीय प्रतियोगिताएँ संपन्न* केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय के नाशिक परिसर में दिनांक 20 और 21 को राज्यस्तरीय शास्त्रीय प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया था। कार्यक्रम के उद्घाटन अवसर पर यशवंतराव चव्हाण मुक्त विश्वविद्यालय के उपकुलपति प्रोफेसर जोगेंद्रसिंह बसेन मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थे। विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए उन्होंने शास्त्रों के संरक्षण की आवश्यकता पर विशेष बल दिया। महाराष्ट्र के विभिन्न विद्यालयों से आए 80 विद्यार्थियों ने इन प्रतियोगिताओं में भाग लिया। इन प्रतियोगिताओं के लिए प्रो. हंसधरझा, प्रो. प्रकाशचंद्र, डॉ. दत्तानुभव टेंगसे, डॉ. लीना हुन्नरगीकर, वैद्य. एकनाथ कुलकर्णी आदि प्रमुख निर्णायक के रूप में उपस्थित थे। समापन समारोह के अवसर पर मुख्य अतिथि प्रो. हंसधरझा तथा विशिष्ट अतिथि प्रो. प्रकाशचंद्र ने विद्यार्थियों को संबोधित किया। प्रतिभागी विद्यार्थियों द्वारा प्रदर्शित दृढ़ संकल्प तथा शास्त्राध्ययन में किए गए परिश्रम की दोनों मान्यवरों ने सराहना करते हुए उनका अभिनंदन किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता परिसर निदेश...