मुंबई हिंदी पत्रकार संघ के कार्यक्रम में बोले मुख्यमंत्री, स्वतंत्रता की लड़ाई में हिंदी का बड़ा योगदान
मुंबई हिंदी पत्रकार संघ के कार्यक्रम में बोले मुख्यमंत्री, स्वतंत्रता की लड़ाई में हिंदी का बड़ा योगदान मुंबई। भाषा विवाद का माध्यम नहीं हो सकती हिंदी इस देश की संपर्क सूत्र है। भाषाओं के नाम पर विवाद पैदा कर वोट और सत्ता तो हासिल की जा सकती है लेकिन इससे देश का ज्ञान समाप्त हो जाएगा और इसे हम आने वाली पीढ़ियों तक नहीं पहुंचा पाएंगे। इसलिए विशेष रूप से हिंदी जैसी भाषा का सम्मान होना चाहिए जिसने हमारी स्वतंत्रता की लड़ाई में बहुत बड़ा योगदान दिया है। मुंबई हिंदी पत्रकार संघ द्वारा आयोजित हिंदी पत्रकारिता द्विशताब्दी समारोह में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने यह बात कही। हिंदी पत्रकारिता के 200 साल पूर्ण होने के उपलक्ष्य में आयोजित इस सामारोह में उन्होंने कहा कि बहुभाषी होना एक योग्यता है हमें अपनी भाषा तो सीखनी ही चाहिए क्योंकि मातृभाषा छोड़ने पर हम एक बहुत ही नैसर्गिक ज्ञान प्रक्रिया से बाहर हो जाते हैं। लेकिन अगर मातृभाषा के अलावा अगर हम देश की कोई और भाषा सीखेंगे तो देश का ज्ञान बटोर पाएंगे। साथ ही उन्होंने कहा कि दुनिया के जिन देशों ने विकास किया है...