*मध्यम वर्ग के दुख को कब समझेगी सरकार*,*------- जमदग्निपुरी*
*मध्यम वर्ग के दुख को कब समझेगी सरकार* ,*------- जमदग्निपुरी* भारत वर्ष में यदि कोई सबसे अधिक दुखी हैं तो वो है मध्यम वर्ग।उसके ऊपर पूरे भारत का बोझ डाल दिया गया है।मान सम्मान का बोझ तो लेकर वह शिद्दत से ढो ही रहा है।उसे बचाने के लिए कर्ज के बोझ तले दबा हुआ है।देश को गति प्रदान करने के लिए उसे ही सब कुछ करना पड़ रहा है।दिन रात मेहनत करता है।खून पसीना एक करता है।उसकी कमाई से टैक्स सरकार बिना कहे ही काट लेती है। भिखारियों का भी भरण पोषण करने का भी बोझ मध्यम वर्ग के ऊपर ही है। पुजारियों को भी मध्यम वर्ग ही सम्हालता है।इसके बावजूद मध्यम वर्ग दुखी है।उसकी परेशानी से किसी को कुछ लेना देना नहीं है।उसे किसी भी प्रकार की सुविधा इस देश में उपलब्ध नहीं है। सरकारें सुविधा देने का ढिंढोरा तो खूब पीटती हैं।मगर जमीनी हकीकत कुछ और ही है।वह अपने ही देश में परदेशी कहा जाता है।जलालत झेलता है। परेशानी में पैदा होता है और उसी में मर जाता है। मगर उसकी परेशानी को कोई न देखता है न सुनता है न समझता है।दूर करने की तो बात ही छोड़ दीजिए।वह पैसा देकर भी किसी सुविधा का भोग भोगन...