भारत का संविधान एक राष्ट्रीय धर्मग्रंथ है।पढ़ाई महान बनने के लिए नहीं मानव बनने के लिए पढ़ो...... डॉ रंजय कुमार सिंह
भारत का संविधान एक राष्ट्रीय धर्मग्रंथ है।पढ़ाई महान बनने के लिए नहीं मानव बनने के लिए पढ़ो...... डॉ रंजय कुमार सिंह
मुंबई। भांडुप स्थित तुलशेटपाड़ा में सरस्वती हाई स्कूल एवं भारतीय जनता पार्टी के जनसंपर्क कार्यालय द्वारा 26जनवरी 2026 को गणतंत्र दिवस का आयोजन किया गया। गणतंत्र दिवस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में केन्द्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय नासिक परिसर राजनीति विज्ञान के प्राध्यापक डॉ रंजय कुमार सिंह ने राष्ट्रध्वज को पुष्प, माला एवं श्रीफल से अर्पित कर समस्त शहीदों को नमन करते हुए तिरंगा को सलामी दी। इस अवसर पर डा सिंह ने कहा कि भारत कोई जमीन का टुकड़ा नहीं संविधान से चलने वाला जीवंत राष्ट्र है। भारत का संविधान हर धर्म,जाति, भाषा, लिंग एवं क्षेत्र से ऊपर उठकर राष्ट्रीय धर्मग्रंथ है, जो देश के समस्त जनता को स्वीकार है।गणतंत्र दिवस के पावन अवसर पर 26जनवरी 1950 को भारत ने अपना संविधान अपनाकर स्वयं को एक संपूर्ण प्रभुत्व संपन्न समाजवादी पंथनिरपेक्ष लोकतन्त्रतात्मक गणराज्य घोषित किया। यह दिन केवल उत्सव का नहीं बल्कि कर्तव्य, संकल्प और आत्मगौरव का दिन है। हमारे महान साहित्यकारों ने देश प्रेम की भावना को अपने शब्दों में ढालकर हमारी आत्मा को झकझोरा है। बंकिमचंद्र चटोपाध्याय की अमरवाणी वन्दे मातरम्! सुजलाम सुफलाम मलयज शीतलाम... हर भारतीय के ह्रदय में मातृभूमि के प्रति श्रद्धा और समर्पण जगा देती है। सुभद्राकुमारी चौहान की वीर रस से भरी पंक्तियां.. "खूब लड़ी मर्दानी वह तो झांसी वाली रानी थी ।"नारी शक्ति और बलिदान का अमर उदाहरण है। डॉ सिंह ने अपने को शिक्षक के रूप में सरस्वती हाई स्कूल के विद्यार्थियों से कहा कि पढ़ाई महान बनने के लिए मत पढ़ो मानव बनने के लिए पढ़ो। आप सभी इस देश के भविष्य है ,राष्ट्र की सभ्यता और संस्कृति का भार आप के आचरण एवं कर्तव्य में है। स्वतंत्रता केवल शब्द नहीं जीवन का मूल्य है। हमारा संविधान हमे अधिकार देता है तो कर्त्तव्यों का बोध भी कराता है। आइये गणतंत्र दिवस के अवसर पर संकल्प ले कि हम ईमानदारी, परिश्रम, अनुशासन और एकता को अपनाकर 21वी सदी का सशक्त, समृद्ध आत्मनिर्भर और विश्व का श्रेष्ठ एवं शक्तिशाली भारत बनाने में महत्वपूर्ण कर्तव्य का पालन करेंगे। इस अवसर पर 26जनवरी 2027तक भारत के प्रत्येक नागरिकों को साक्षर बनाने के लिए संकल्प लिया गया। गणतंत दिवस पर भाजपा के वरिष्ठ नेता संजय शर्मा ने कहा कि संविधान के मूल्यों को अपने आचरण में उतारना, सच बोलना, नियमों का पालन करना, दूसरों का सम्मान करना देश के लिए समर्पित भाव से सेवा करना सच्चे नागरिक का परिचय है। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए संस्था के अध्यक्ष सूरज त्रिपाठी ने कहा कि देश के संविधान से सीख लेते हुए अपने महान देश भक्तों को याद करना चाहिए कि उन्होंने इस गणतंत्र को प्राप्त करने के लिए अपने जीवन को बलिदान कर दिया। हमें उनके बताए मार्गो पर चलकर ईमानदारी से राष्ट्र को विकसित करने में अपना बहुमूल्य योगदान देना चाहिए। इस अवसर पर सभी शिक्षक, कर्मचारी , छात्र एवं भाजपा के कार्यकर्ता भी उपस्थित थे।
Comments
Post a Comment