आपसी प्रेम, सौहार्द और मधुर संबंधों का संदेश देते हैं त्योहार : डॉ मंजू लोढ़ा
आपसी प्रेम, सौहार्द और मधुर संबंधों का संदेश देते हैं त्योहार : डॉ मंजू लोढ़ा
मुंबई। ज्ञान गंगोत्री काव्य मंच की एक अत्यंत आत्मीय और स्मरणीय बैठक का आयोजन डॉ मंजू मंगलप्रभात लोढ़ा के लोढ़ा कोस्टेरिया में किया गया। इस अवसर पर मंच से जुड़े लगभग 50 साहित्य प्रेमी सदस्य उपस्थित रहे। सभी ने भारतीय लोक संस्कृति से जुड़े मकर संक्रांति, लोहड़ी और पतंगों के पर्व को बड़े हर्ष, उल्लास और अपनत्व के साथ मनाया। कार्यक्रम के दौरान किसी सदस्य ने मकर संक्रांति के सामाजिक व सांस्कृतिक महत्व पर विचार रखे, किसी ने मधुर लोकगीत प्रस्तुत किए, तो किसी ने उत्साहपूर्ण नृत्य से वातावरण को आनंदमय बना दिया। तालियों, मुस्कानों और संगीत से पूरा माहौल जीवंत हो उठा। पर्व की परंपरा के अनुसार सभी को तिलगुड़ वितरित किए गए । डॉ मंजू लोढ़ा ने परंपरागत पंक्ति तिलगुड़ खाया, गोड गोड बोला की लोकप्रिय पंक्ति कहते हुए कहा कि हमारे त्योहार आपसी प्रेम, सौहार्द और मधुर संबंधों का सुंदर संदेश देते हैं ।
सभी सदस्य पारंपरिक एवं आकर्षक परिधानों में सजे-धजे नज़र आए। गीत, नृत्य, विचार-विमर्श और मिठास से भरी यह बैठक सांस्कृतिक एकता, सौहार्द और आनंद का सुंदर संगम बन गई और सभी के लिए एक अविस्मरणीय अनुभव रही।
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