रुक्मिणी विवाह सच्चे प्रेम, विश्वास और समर्पण का संदेश देता है : कुणाल जी महाराज

रुक्मिणी विवाह सच्चे प्रेम, विश्वास और समर्पण का संदेश देता है : कुणाल जी महाराज 
ठाणे। ब्राह्मण जन 
जागरण संस्था द्वारा कलवा के मफतलाल मैदान पर आयोजित श्रीमद् भागवत कथा के छठे दिवस की कथा में काशी के कथा व्यास श्री कुणाल जी महाराज ने बताया कि रुक्मणी विदर्भ के राजा भीष्मक की पुत्री थीं, जो श्रीकृष्ण की परम भक्त थीं। उनके भाई रुक्मी ने उनका विवाह शिशुपाल से तय किया, लेकिन रुक्मिणी ने ब्राह्मण के माध्यम से कृष्ण को संदेश भेजा। कृष्ण ने मंदिर से उनका हरण किया, शत्रुओं को पराजित करके रुक्मणी से विवाह संपन्न की। कथा श्रवण करने के लिए भारी संख्या में भक्तगण कथा स्थल पर पहुंच रहे हैं। ब्राह्मण जन जागरण संस्था के अध्यक्ष अनिल शुक्ला ने बताया कि कलवा से ही नहीं अपितु मुंबई के अलग-अलग भागों से महाराज जी की कथा श्रवण करने भक्तगण आ रहे हैं। कथा को सुचारू रूप से संपन्न कराने में संजय मिश्रा, अखिलेश उपाध्याय, उमाशंकर तिवारी, वेद प्रकाश तिवारी, कोषाध्यक्ष अखिलेश शुक्ला, डॉ दुबे, युवा टीम विजय मिश्रा, अंकित शुक्ला, अनुराग शुक्ला, देवांशु पांडे, पवन शुक्ला, लाल जी मिश्रा,अजय दुबे, आदर्श तिवारी, आकाश तिवारी, चंद्रकेश मिश्रा समेत सभी कार्यकर्ताओं का भागवत कथा में विशेष योगदान हो रहा है। दैनिक पूजन का कार्य आचार्य गुलाब पांडे आचार्य प्रवीण पांडे और आचार्य शैलेंद्र तिवारी द्वारा संपन्न किया जा रहा है। कथा के दौरान ब्राह्मण जागरण संस्था द्वारा विजय विनोद मिश्रा का जन्मदिन मनाया गया। कुणाल महाराज ने भागवत मंच से उन्हें आशीर्वाद दिया।  संस्था ने भक्तों से आग्रह किया है कि रविवार को होने वाले पूर्णाहुति में सभी भक्तजन भागवत भगवान का हवन करके महाप्रसाद ग्रहण करें।

Comments

Popular posts from this blog

*एन के ई एस स्कूल के विद्यार्थियों ने जीता कबड्डी प्रतियोगिता*

योगेश्वर इंग्लिश स्कूल का 25 वां वार्षिक उत्सव संपन्न

श्रीमती गुजना इंग्लिश हाई स्कूल का 45वां वार्षिकोत्सव धूमधाम से संपन्न