कवितालोक साहित्यांगन में हुई प्रतियोगिता में दिए गए सम्मान पत्र

कवितालोक साहित्यांगन में हुई प्रतियोगिता में दिए गए सम्मान पत्र
रांची। भारतीय पारंपरिक  नृत्य पर करती नारियों की सुंदर  छवि को देख करना था छंद  विधान पर सृजन । जिसमें भारत के कई साहित्यकारों ने खुलकर  लिया हिस्सा । सबके छंद  एक से बढ़कर एक थे जिसमें ,प्रथम - डाॅ शेषपालसिंह ''शेष' द्वितीय  - अरुण दुबे । तृतीय  - अनुराधा सुनील पारे । पटल के मुख्य व्यवस्थापक  महेश जैन 'ज्योति'  के सही निर्णय से यह घोषणा की गयी । दिव्यालय की संस्थापिका व्यंजना आनन्द  और अध्यक्ष राजकुमार छापड़िया  ने अपने पटल की ओर से बहुत सारी बधाई और अपने पटल का सम्मान पत्र दे विजेताओं को सम्मानित किया।

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